सैडल गेट-झाड़बेड़ा के बीच गहरी खाई के मुहाने पर पहुंची सड़क
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
बड़ाजामदा–छोटानागरा–मनोहरपुर मुख्य सड़क मार्ग पर सैडल गेट और झाड़बेड़ा गांव के बीच घाटी में सड़क का लगभग आधा हिस्सा धंस जाने से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया तो किसी भी दिन भारी वाहनों, यात्री बसों समेत अन्य वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो सकता है।

एक तरफ पहाड़, दूसरी ओर गहरी खाई
जिस स्थान पर सड़क धंस रही है, वहां एक तरफ ऊंची पहाड़ी है, जबकि दूसरी ओर गहरी खाई है। सड़क के नीचे से प्राकृतिक जलस्रोत का पानी लगातार बहता है। वर्षा के दौरान जल प्रवाह बढ़ने से सड़क के नीचे की मिट्टी लगातार खिसक रही है, जिससे सड़क की मजबूती पर गंभीर असर पड़ रहा है।

गार्डवाल पर भी मंडरा रहा खतरा
सड़क को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया गार्डवाल भी अब खतरे की स्थिति में है। मिट्टी के लगातार कटाव के कारण गार्डवाल कभी भी धाराशायी होकर सड़क समेत गहरी खाई में समा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो सड़क का बचा हुआ हिस्सा भी स्लाइड होकर खाई में जाने की आशंका है।

50 मीटर आगे सड़क समेत गार्डवाल जमींदोज
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसी स्थान से महज करीब 50 मीटर आगे पहले ही गार्डवाल सड़क के हिस्से समेत धंसकर खाई में समा चुका है। इसके बावजूद वर्तमान में धंस रहे हिस्से की स्थायी सुरक्षा को लेकर तत्काल कार्रवाई की जरूरत बनी हुई है।
तितलीघाट पुल भी क्षतिग्रस्त
इस मार्ग पर तितलीघाट पुल की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के साथ सड़क के कई हिस्सों पर भी वर्षा और जल कटाव का असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में सड़क और पुल की स्थिति को नजरअंदाज करना भविष्य में आवागमन के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर सकता है।
झारखंड-ओड़िशा को जोड़ता है महत्वपूर्ण मार्ग
बड़ाजामदा–छोटानागरा–मनोहरपुर मार्ग झारखंड और ओड़िशा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहनों, यात्री बसों और अन्य वाहनों का आवागमन होता है। सड़क का कोई बड़ा हिस्सा धंसकर बंद होने की स्थिति में दोनों राज्यों के बीच आवागमन प्रभावित होने के साथ स्थानीय लोगों और व्यवसायिक गतिविधियों पर भी सीधा असर पड़ सकता है।

पथ निर्माण विभाग से तत्काल सुरक्षा कार्य की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पथ निर्माण विभाग को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल स्थल का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए। धंस रहे हिस्से में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ गार्डवाल का पुनर्निर्माण, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और क्षतिग्रस्त सड़क एवं तितलीघाट पुल की मरम्मत आवश्यक है।
यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया और गार्डवाल सड़क समेत खाई में चला गया, तो मार्ग के पूरी तरह बंद होने के साथ बड़ा हादसा भी हो सकता है। ऐसे में विभाग की ओर से किसी दुर्घटना या सड़क बंद होने का इंतजार करने के बजाय अभी से ठोस कदम उठाना जरूरी है।









