पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा और केंद्रीय उपाध्यक्ष अशोक पान ने खोला मोर्चा, थाना प्रभारी के तत्काल निलंबन और गिरफ्तारी की मांग
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे झारखंड आंदोलनकारी
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक ऐसा गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन की जवाबदेही और आम नागरिकों के सम्मान को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। झामुमो जिला प्रवक्ता, आदिवासी मुंडा समाज विकास समिति के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड आंदोलनकारी बुधराम लागुरी ने टोंटो थाना प्रभारी धनंजय सिंह पर घर में घुसकर दुर्व्यवहार करने, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है।

इस आरोप ने अब आंदोलनकारी संगठनों को आक्रोशित कर दिया है। पूर्व विधायक सह झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के सलाहकार मंगल सिंह बोबोंगा एवं मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष अशोक पान ने मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए थाना प्रभारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
घर में घुसकर अपमानित करने और सुनसान जगह पर मारपीट का आरोप
बुधराम लागुरी के आरोप के अनुसार, टोंटो थाना प्रभारी धनंजय सिंह उनके घर में प्रवेश कर उनके साथ दुर्व्यवहार किया तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें अपमानित किया। आरोप यह भी है कि उन्हें बाद में एक सुनसान स्थान पर ले जाकर मारपीट की गई। एक झारखंड आंदोलनकारी के साथ पुलिस पदाधिकारी के कथित इस व्यवहार ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
आंदोलनकारी के सम्मान पर चोट, नेताओं ने जताया आक्रोश
पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने कहा कि बुधराम लागुरी झारखंड अलग राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले आंदोलनकारी हैं। उनके साथ इस तरह का कथित व्यवहार केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलनकारी समाज और आदिवासी समुदाय के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी किसी पदाधिकारी को मनमानी करने या कानून से ऊपर उठकर नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने का अधिकार नहीं देती। यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई शिकायत या कानूनी मामला है तो उसके निपटारे के लिए संविधान और कानून में निर्धारित प्रक्रियाएं मौजूद हैं। पुलिस को उन्हीं प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।

तत्काल निलंबन और गिरफ्तारी की मांग
मंगल सिंह बोबोंगा और अशोक पान ने जिला प्रशासन एवं पुलिस अधीक्षक से टोंटो थाना प्रभारी धनंजय सिंह को तत्काल पद से हटाने, निलंबित करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है।
आंदोलनकारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि मामले को महज एक सामान्य विवाद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने जिला प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलनकारी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
नेताओं ने साफ कहा कि बुधराम लागुरी को न्याय दिलाने और पुलिस प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। अब निगाहें जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई पर टिकी हैं।










