जनजातीय गौरव पखवाड़ा पर CSR के तहत करमपदा, नवागांव और भनगांव के जरूरतमंदों तक पहुंची मदद
बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद ग्रामीणों को सर्दी से बचाव का मिला सहारा, स्वेटर पाकर खिले चेहरे
भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों से प्रेरित होकर आदिवासी गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है सेल : प्रबंधन
रिपोर्ट शैलेश सिंह
किरीबुरू। सारंडा के दुर्गम और सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के प्रति सामाजिक संवेदना और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए सेल की किरीबुरू लौह अयस्क खदान प्रबंधन ने एक सराहनीय पहल की है। महिला समिति की अध्यक्षा स्वाति शिरपुरकर के नेतृत्व में 5 नवंबर 2026 को सेल की कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) योजना के तहत करमपदा, नवागांव और भनगांव गांवों में लगभग 700 स्वेटर वितरित किए गए। जनजातीय गौरव पखवाड़ा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष रूप से जरूरतमंद, बुजुर्ग और दिव्यांग ग्रामीणों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराए गए।

सर्दी का मौसम शुरू होते ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने गर्म कपड़ों की व्यवस्था करना एक चुनौती बन जाता है। खासकर उम्रदराज लोगों और दिव्यांगजनों के लिए ठंड का मौसम अधिक परेशानी भरा होता है। ऐसे में सेल प्रबंधन और महिला समिति की इस पहल ने जरूरतमंद ग्रामीणों को सर्दी से बचाव का सहारा देने के साथ उनके बीच अपनत्व और सामाजिक सहयोग का संदेश भी पहुंचाया।

स्वाति शिरपुरकर के नेतृत्व में सेवा को मिला मानवीय स्वरूप
महिला समिति की अध्यक्षा स्वाति शिरपुरकर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना रहा। समिति की सदस्यों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर गर्म कपड़ों के वितरण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
स्वेटर वितरण के दौरान बुजुर्गों और दिव्यांग लाभार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ठंड के मौसम में गर्म कपड़े मिलने से उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने इस सहयोग के लिए महिला समिति की अध्यक्षा स्वाति शिरपुरकर, समिति की अन्य सदस्यों और सेल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस पहल के माध्यम से महिला समिति ने यह संदेश दिया कि सामाजिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य केवल सहायता सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद लोगों की जरूरतों को समझना और उनके साथ संवेदनशीलता से खड़ा होना है।

जनजातीय गौरव पखवाड़ा पर जनजातीय समाज के प्रति सम्मान
यह कार्यक्रम जनजातीय गौरव पखवाड़ा समारोह के तहत आयोजित किया गया। इस आयोजन के माध्यम से जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष, संस्कृति और महापुरुषों के योगदान को सम्मान देने के साथ आदिवासी बहुल गांवों के विकास के प्रति सेल की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया गया।

इस अवसर पर किरीबुरू लौह अयस्क खदान के अधिकारियों ने कहा कि सेल जनजातीय नायकों के योगदान और उनके आदर्शों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है। भगवान बिरसा मुंडा के विचारों और संघर्ष से प्रेरणा लेते हुए कंपनी आसपास के आदिवासी गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक विकास और ग्रामीण कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में CSR के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य खदानों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

CSR के माध्यम से ग्रामीणों से मजबूत हो रहा सामाजिक जुड़ाव
सेल की किरीबुरू लौह अयस्क खदान के आसपास स्थित गांवों में CSR गतिविधियों का विशेष महत्व है। खनन क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
स्वेटर वितरण भी इसी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा रहा। लगभग 700 स्वेटरों का वितरण केवल एक राहत कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय के प्रति संस्थान की जिम्मेदारी और सहयोग की भावना का परिचायक बना।
विशेषकर करमपदा, नवागांव और भनगांव जैसे गांवों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचने से ग्रामीणों और खदान प्रबंधन के बीच सामाजिक संबंधों को मजबूती मिली।

महिला समिति की सदस्यों ने बढ़ाया आयोजन का उत्साह
इस कार्यक्रम में महिला समिति की अध्यक्षा स्वाति शिरपुरकर के साथ लक्ष्मी सिदार, रीना बिस्वाल, नलिनी बिस्वाल, मीनू नायक और पूजा महतो उपस्थित रहीं। समिति की सदस्यों ने वितरण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
वहीं CSR विभाग की ओर से सी.के. बिस्वाल, एजीएम (एचआर-एलएंडडी) एवं प्रभारी CSR तथा बी. बासा, उप प्रबंधक (CSR) सहित प्रदीप कुमार चातर, सूरज सिंह, नेल्सन, राजेंद्र, श्रीकांत और राकेश समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम के सफल संचालन में अपना सहयोग दिया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही भागीदारी
कार्यक्रम में स्थानीय मुखिया लिपि मुंडा के अलावा बिरसिंह मुंडा, राहुल नायक, मंगरा मुंडा, खुंटी देवी, अमृता देवी, गिरधारी, लक्ष्मी, जूली सहित अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति रही। स्थानीय लोगों की भागीदारी से कार्यक्रम को सामुदायिक स्वरूप मिला।
स्वेटर प्राप्त करने वाले ग्रामीणों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों ने खुशी जाहिर करते हुए सेल प्रबंधन और महिला समिति के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि ठंड के मौसम में गर्म कपड़ों का यह सहयोग उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

विकास के साथ मानवीय संवेदना का भी संदेश
सेल की इस CSR पहल ने एक बार फिर यह रेखांकित किया कि किसी औद्योगिक संस्थान की जिम्मेदारी केवल उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके आसपास रहने वाले समाज के प्रति भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
महिला समिति की अध्यक्षा स्वाति शिरपुरकर के नेतृत्व में आयोजित यह स्वेटर वितरण कार्यक्रम इसी सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और मानवीय संवेदना का उदाहरण बना। सारंडा के तीन गांवों के लगभग 700 जरूरतमंद लोगों तक पहुंची यह पहल सर्दी से बचाव के साथ उनके जीवन में सम्मान, सहयोग और अपनत्व की गर्माहट भी लेकर आई।










