करमपदा में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत ग्राम समिति की बैठक, अफीम की अवैध खेती और अफवाहों से दूर रहने की अपील
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू, 24 अक्टूबर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों की रोकथाम, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और आम लोगों को कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किरीबुरू पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जन-जागरूकता अभियान चलाया। शनिवार को किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में थाना क्षेत्र के करमपदा गांव में ग्राम समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें भनगांव, नवागांव और करमपदा के ग्रामीणों के साथ मुंडा, मानकी एवं अन्य ग्रामीण प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

साइबर अपराध के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक
बैठक के दौरान ग्रामीणों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस ने लोगों को अनजान फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी संदेश तथा ऑनलाइन ठगी के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता समझाई। साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, ओटीपी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाना रहा।
अफीम की अवैध खेती से दूर रहने की अपील
बैठक में अवैध अफीम की खेती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से अवैध अफीम की खेती नहीं करने तथा इससे जुड़े गैरकानूनी कार्यों से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस ने कानून का पालन करने और गांव में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बढ़ावा नहीं देने की अपील की।
डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होने का संदेश
ग्रामीण समाज में व्याप्त डायन-बिसाही जैसी अंधविश्वास आधारित कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए भी लोगों को जागरूक किया गया। बैठक में इस तरह की सोच के कारण निर्दोष लोगों को प्रताड़ित किए जाने और सामाजिक तनाव उत्पन्न होने की आशंका के प्रति ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया गया।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी व्यक्ति को डायन-बिसाही के नाम पर प्रताड़ित न करें और ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देने के बजाय कानून का सहारा लें। सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए ग्रामीणों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया।
अफवाहों पर ध्यान न दें, सत्यता की करें पुष्टि
बैठक में अफवाहों से बचने और किसी भी अपुष्ट सूचना पर तत्काल विश्वास नहीं करने की सलाह दी गई। ग्रामीणों को समझाया गया कि बिना सत्यता की जांच किए किसी सूचना को आगे फैलाने से गांव में भ्रम, तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
पुलिस ने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संवेदनशील सूचना की जानकारी संबंधित पुलिस थाने को दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

पुलिस और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और ग्रामीणों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, स्थानीय समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अपराधमुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में भनगांव, नवागांव और करमपदा के ग्रामीणों, मुंडा एवं मानकी की उपस्थिति के बीच पुलिस ने सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और कानून के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस तरह के जनसंपर्क कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों और गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।










