झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने प्रबंधन से की समान सुविधा की मांग, पहले की तरह मेघाहातुबुरु में दिवाली की छुट्टी देने की अपील
छुट्टी के मामले में मैनेजमेंट की तत्परता पर सवाल, रेफरल चिकित्सा सुविधा को सरल बनाने की भी उठाई मांग
रिपोर्ट शैलेश सिंह
मेघाहातुबुरु। सेल प्रबंधन की ओर से बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट कूपन दिए जाने की व्यवस्था के बीच अब झारखंड माइंस समूह (JGOM) के कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को भी समान सुविधा देने की मांग उठी है। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, मेघाहातुबुरु ने इस संबंध में मुख्य महाप्रबंधक (खान), मेघाहातुबुरु को पत्र सौंपकर खदान कर्मियों और कॉन्ट्रैक्ट वर्करों को भी दिवाली गिफ्ट कूपन देने का आग्रह किया है।

इस्पात उत्पादन में योगदान बराबर, तो सुविधाओं में भेदभाव क्यों?
संघ का कहना है कि खदानों में कार्यरत कर्मचारी और ठेका श्रमिक सेल के इस्पात उत्पादन की बुनियाद हैं। वे दिन-रात मेहनत कर स्टील प्लांटों को लौह अयस्क जैसे महत्वपूर्ण कच्चे माल की आपूर्ति करते हैं। इसके बावजूद त्योहार के अवसर पर मिलने वाली सुविधाओं में उन्हें शामिल नहीं किया जाना उचित नहीं है।
संघ ने सवाल उठाया है कि जब बोकारो स्टील प्लांट के कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट कूपन दिया जा सकता है, तो उत्पादन के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले माइंस कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को इस सुविधा से वंचित क्यों रखा जाए? संघ ने प्रबंधन से सभी के लिए समान नीति अपनाने की मांग की है।
पहले की तरह मेघाहातुबुरु में हो दिवाली की छुट्टी
संघ ने दिवाली अवकाश को लेकर भी पूर्व नियम की मांग उठाई है। अफताब आलम ने कहा कि मेघाहातुबुरु के श्रमिकों को दिवाली के एक दिन पहले या एक दिन बाद अवकाश दिया जाए। क्योंकि दिवाली के दिन रविवार है। प्रबंधन 11 नवंबर को छुट्टी दे रही है जो गलत है। हमारी मांग है कि 7 या 9 नवम्बर को छुट्टी दिया जाय।
छुट्टी के लिए मैनेजमेंट, तो रेफरल इलाज के लिए क्यों नहीं?
संघ ने प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि कार्यपालक निदेशक छुट्टी के मामले में प्रबंधन के स्तर पर व्यवस्था को मैनेज करने की बात कर रहे हैं, तो फिर सेल कर्मचारियों की रेफरल चिकित्सा सुविधा के मामले में ऐसी तत्परता क्यों नहीं दिखाई जाती?
संघ का कहना है कि कर्मचारियों और उनके परिजनों के बेहतर इलाज की व्यवस्था भी प्रबंधन की प्राथमिकता होनी चाहिए। रेफरल चिकित्सा प्रक्रिया को अधिक सरल, सहज और उपयोगी बनाया जाए, ताकि जरूरत के समय कर्मचारियों को इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियों से न गुजरना पड़े।
प्रबंधन से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के महासचिव अफताब आलम ने प्रबंधन से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खदानों के श्रमिकों का योगदान सेल की उत्पादन व्यवस्था में किसी से कम नहीं है। ऐसे में त्योहार की खुशियों और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में भी उनके साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
पत्र की प्रतिलिपि कार्यपालक निदेशक (माइंस), झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस; कार्यपालक निदेशक (एचआर), बीएसएल बोकारो; संबंधित सीजीएम (खान), किरीबुरू तथा महाप्रबंधक (एचआर), मेघाहातुबुरु को भी भेजी गई है।
अब प्रबंधन के निर्णय पर निगाहें टिकी हैं कि वह माइंस कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों की इस मांग पर कितना सकारात्मक रुख अपनाता है।









