पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक वर्ष के दौरान लगभग आधा दर्जन हाथियों की मौत, वन्यजीवों की सुरक्षा पर उठे सवाल
रिपोर्ट शैलेश सिंह
किरीबुरू। पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत गुवा थाना क्षेत्र के बड़ाजामदा बालजोड़ी स्थित सिंदरी गौरी गांव में एक हाथी की मौत हो गई है। हाथी की मौत की खबर सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। हालांकि, हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।

वन विभाग ने की हाथी की मौत की पुष्टि
नोवामुंडी वन विभाग के फॉरेस्टर आलोक कुमार ने हाथी की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी वन विभाग को मिली है और टीम मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हाथी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक वर्ष में लगभग आधा दर्जन हाथियों की मौत
पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग आधा दर्जन हाथियों की मौत हो चुकी है। हाथियों की लगातार हो रही मौत की घटनाएं वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। हालांकि, इन सभी घटनाओं के कारण एक जैसे हैं या अलग-अलग, यह जांच और आधिकारिक आंकड़ों से ही स्पष्ट हो सकेगा।
सारंडा और आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में हाथियों की मौत की प्रत्येक घटना वन विभाग के लिए गंभीर विषय है। हाथियों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण और मौत की घटनाओं की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
मौत की वजह जानने में जुटी वन विभाग की टीम
फिलहाल सिंदरी गौरी गांव में हाथी की मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वन विभाग की जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि हाथी की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई। अब स्थानीय लोगों की नजर वन विभाग की जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी है।
लगातार मौत की घटनाओं की गंभीरता से जांच जरूरी
पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक वर्ष के भीतर लगभग आधा दर्जन हाथियों की मौत की जानकारी वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में जरूरी है कि प्रत्येक घटना के कारणों का पता लगाकर आवश्यक संरक्षणात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि हाथियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित हो।











