150 से अधिक शेयरधारकों ने लिया हिस्सा, प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित
रिपोर्ट शैलेश सिंह
नोआमुंडी। सारंडा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीसी) की वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक आमसभा (एजीएम) नोआमुंडी आदिवासी एसोसिएशन परिसर में आयोजित की गई। टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एफपीसी की इस महत्वपूर्ण आमसभा में करीब 150 शेयरधारकों के अलावा निदेशक मंडल के सदस्य, सामुदायिक प्रतिनिधि एवं विभिन्न हितधारक शामिल हुए।

वार्षिक रिपोर्ट और ऑडिट रिपोर्ट को मिली मंजूरी
आमसभा के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट एवं ऑडिट रिपोर्ट शेयरधारकों के समक्ष प्रस्तुत की गई। चर्चा के बाद दोनों रिपोर्टों को अनुमोदित किया गया। इस दौरान एफपीसी की वर्षभर की गतिविधियों, उपलब्धियों और वित्तीय कार्यों की समीक्षा की गई तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
किसानों को जोड़ने और कारोबार बढ़ाने पर मंथन
बैठक में आगामी बिजनेस प्लान, नए किसानों को एफपीसी से जोड़ने तथा किसानों को वित्तीय संस्थानों और सरकारी योजनाओं से बेहतर तरीके से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। सामूहिक खरीद, बेहतर विपणन व्यवस्था, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा हुई।
टाटा स्टील और फाउंडेशन के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में टाटा स्टील लिमिटेड के विजय-II माइंस के चीफ राजीव कुमार बतौर पर्यवेक्षक उपस्थित रहे। टाटा स्टील के नोआमुंडी हेड नितेश माहेश्वरी, टाटा स्टील फाउंडेशन के नोआमुंडी इम्पैक्ट क्लस्टर हेड रविंद्र कुमार, यूनिट लीड संदीप केसरवानी, लीड एग्रीकल्चर पार्थ सारथी एवं मैनेजर एग्रीकल्चर सतीश पाणिग्राही सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
स्थानीय समुदाय की ओर से मानकी निरंजन बोबोंगा एवं सुरेंद्र चतोम्बा ने भाग लिया। वहीं बैंक ऑफ इंडिया, नोआमुंडी शाखा की बैंक मैनेजर ज्योति बिरुआ तथा SIDHKOFED के प्रोजेक्ट मैनेजर रंजीत गुप्ता भी आमसभा में उपस्थित रहे।
शेयरधारकों को बांटे गए शेयर प्रमाणपत्र
आमसभा के दौरान एफपीसी के शेयरधारकों को शेयर प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इससे किसानों की कंपनी में भागीदारी और स्वामित्व की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया गया।
तीन प्रगतिशील किसानों को मिला सम्मान
कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए तीन प्रगतिशील किसानों—हेमंत कुमार बेहरा, मनोज पूर्ति और चांदमनी लागुरी—को सम्मानित किया गया। उनके कृषि क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायी बताया गया।

किसानों को मिल रही आधुनिक कृषि सेवाएं
सारंडा एफपीसी वर्तमान में कस्टम हायरिंग सेंटर, एग्री-इनपुट सेंटर और मशरूम स्पॉन प्रोडक्शन सेंटर जैसी किसान-केंद्रित सेवाएं संचालित कर रही है। इन सेवाओं का उद्देश्य किसानों को कृषि उपकरण एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट उपलब्ध कराना, खेती की लागत कम करना तथा किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करना है।
सामूहिक खेती और विपणन को बढ़ावा देने की अपील
टाटा स्टील फाउंडेशन एवं अन्य हितधारकों ने किसानों से एफपीसी की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि किसान यदि सामूहिक रूप से कृषि इनपुट की खरीद, उत्पादों के विपणन, मूल्य संवर्धन और कृषि आधारित उद्यमों में भागीदारी करेंगे तो इससे उनकी सौदेबाजी की क्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे।
किसान-स्वामित्व वाली मजबूत संस्था बनाने का संकल्प
आमसभा के समापन पर सारंडा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को एक मजबूत, टिकाऊ और किसान-स्वामित्व वाली संस्था के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई गई। एफपीसी के माध्यम से क्षेत्र के किसानों की आजीविका को मजबूत करने, कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य करने पर जोर दिया गया।









