सेल प्रबंधन ठेकेदारों से बकाया राशि दिलाए, वरना आंदोलन की चेतावनी
गुवा संवाददाता।
सेल के अधीन कार्यरत ड्राइवरों के वर्षों से लंबित रिटेंचमेंट भुगतान का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। बकाया राशि का भुगतान नहीं होने से नाराज झारखंड मजदूर यूनियन ने सेल प्रबंधन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित ठेकेदारों से ड्राइवरों की लंबित राशि का अविलंब भुगतान कराने की मांग की है।
इस मुद्दे को लेकर सोमवार देर शाम गुवा बाजार स्थित यूनियन कार्यालय में झारखंड मजदूर यूनियन की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार ने की। बैठक में सेल के अधीन विभिन्न ठेकेदारों के माध्यम से कार्यरत ठेका श्रमिकों एवं ड्राइवरों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

वर्षों से अटका है ड्राइवरों का हक
महामंत्री हेमराज सोनार ने कहा कि सेल के अधीन कार्य करने वाले कुछ ठेकेदारों द्वारा ड्राइवरों का रिटेंचमेंट भुगतान लंबे समय से रोका गया है। कार्य अवधि समाप्त होने के बाद मिलने वाली इस देय राशि के वर्षों से लंबित रहने के कारण संबंधित ड्राइवरों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन श्रमिकों और ड्राइवरों ने वर्षों तक सेल के कार्यों में अपनी सेवाएं दीं, उन्हें उनकी वैधानिक/देय राशि के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। यह स्थिति श्रमिक हितों के प्रति गंभीर चिंता का विषय है।
ठेकेदारों पर कार्रवाई करे सेल प्रबंधन
हेमराज सोनार ने कहा कि सेल प्रबंधन को इस पूरे मामले को अपने संज्ञान में लेकर संबंधित ठेकेदारों से बकाया रिटेंचमेंट राशि की पूरी जानकारी लेनी चाहिए। यदि किसी ठेकेदार द्वारा श्रमिकों की देय राशि रोकी गई है तो उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए ड्राइवरों का भुगतान सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से राशि लंबित रहने के बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में अपेक्षित ठोस पहल नहीं की गई है। इससे प्रभावित ड्राइवरों एवं श्रमिकों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
“श्रमिकों के हक से समझौता नहीं”
यूनियन ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के हक और उनकी बकाया राशि के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूनियन की मांग है कि सेल प्रबंधन संबंधित ठेकेदारों को बुलाकर मामले की समीक्षा करे और वर्षों से लंबित रिटेंचमेंट राशि का शीघ्र भुगतान कराए।
हेमराज सोनार ने चेतावनी दी कि यदि सेल प्रबंधन ने इस मामले में जल्द सकारात्मक पहल नहीं की और ड्राइवरों की बकाया राशि का भुगतान नहीं कराया गया, तो झारखंड मजदूर यूनियन आंदोलन का रुख अपनाने के लिए बाध्य होगी।
बैठक में यूनियन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।












