रोटरी क्लब चाईबासा का 21वां वार्षिक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित, चार शिक्षकों को शॉल, पुष्पगुच्छ एवं प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
रोटरी क्लब चाईबासा के तत्वावधान में मंगलवार को रोटरी कॉर्नर में 21वां वार्षिक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान को समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए उनके प्रति सम्मान प्रकट किया गया।

अमित पोद्दार ने किया शिक्षकों का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत रोटरी क्लब चाईबासा के अध्यक्ष अमित पोद्दार ने की। उन्होंने समारोह में आमंत्रित सभी शिक्षकों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व का निर्माण करते हुए उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने समाज में शिक्षकों की अहम भूमिका पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए कहा कि एक शिक्षित और सभ्य समाज के निर्माण में शिक्षकों का योगदान सदैव महत्वपूर्ण रहा है।
21 वर्षों से जारी है शिक्षक सम्मान की परंपरा
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए रोटेरियन अनिल कुमार शर्मा ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब चाईबासा शुरुआती दौर से ही शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित करता आ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष रोटरी क्लब का यह लगातार 21वां वार्षिक शिक्षक सम्मान समारोह है। यह सम्मान समारोह बलबीर कौर खोखर की स्मृति में खोखर परिवार द्वारा शुरुआत से ही प्रायोजित किया जा रहा है।
शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने का उद्देश्य
अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि समारोह का मुख्य उद्देश्य वैसे शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने शिक्षा के माध्यम से एक शिक्षित, संस्कारित एवं सभ्य समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शिक्षक समाज की वह मजबूत कड़ी हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान, संस्कार और सही दिशा प्रदान करते हैं।
इसी उद्देश्य के तहत इस वर्ष सेवानिवृत्त तीन शिक्षक चंद्र शेखर, सुरेश कुमार गुप्ता एवं सविता कुंकल तथा वर्तमान में शिक्षक के रूप में सराहनीय कार्य कर रहे विजय पात्रा को सम्मानित किया गया।
शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
समारोह में आमंत्रित चारों शिक्षकों को रोटरी क्लब की ओर से पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही रोटरी क्लब के अध्यक्ष अमित पोद्दार, सचिव सौरभ प्रसाद एवं अन्य सदस्यों ने संयुक्त रूप से चारों शिक्षकों को सम्मान सहित प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों के चेहरे पर खुशी और भावुकता साफ दिखाई दी। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया।
सम्मानित शिक्षकों ने साझा किए अनुभव
सम्मान समारोह के दौरान सम्मानित चारों शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने शिक्षण अनुभवों को साझा करते हुए रोटरी क्लब चाईबासा द्वारा शिक्षकों के सम्मान की इस परंपरा की सराहना की।
शिक्षकों ने कहा कि समाज में शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मानित करना निश्चित रूप से प्रेरणादायी पहल है। इस तरह के कार्यक्रम शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति और अधिक समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
रोटरी क्लब के कार्यों की हुई सराहना
सम्मानित शिक्षकों ने रोटरी क्लब चाईबासा द्वारा समाजहित में किए जा रहे विभिन्न कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में क्लब की गतिविधियां समाज के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायी हैं।
रोटेरियनों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
समारोह को सफल बनाने में रोटरी क्लब के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में सुशील मुँधड़ा, निरंजन प्रसाद साव, गुरमुख सिंह खोखर, महेश खत्री, मदन गुप्ता, रमेश दत्तानी, अंजु राठौर, हर्षराज मिश्रा, दीपक प्रसाद, घनश्याम मुँधड़ा, दीपक कुमार गुप्ता, विनय लोधा, राजकुमार अग्रवाल सहित अन्य सभी रोटेरियनों का सराहनीय योगदान रहा।
सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयास से शिक्षक सम्मान समारोह गरिमापूर्ण एवं सफल तरीके से संपन्न हुआ।
गुरु सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प
रोटरी क्लब चाईबासा का यह 21वां शिक्षक सम्मान समारोह केवल सम्मान प्रदान करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज में गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।














