राज्य स्तरीय अनुसूचित दर निर्धारण समिति ने विभागीय Draft SOR को दी मंजूरी, त्रुटि मिलने पर तत्काल सुधार का निर्देश
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
रांची। झारखंड सरकार ने राज्य में विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए अनुसूचित दर (Schedule of Rates—SOR) को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य स्तरीय अनुसूचित दर निर्धारण समिति की 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में सभी संबंधित विभागों द्वारा तैयार किए गए Draft SOR पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद उसे अनुमोदित कर दिया गया। समिति ने निर्णय लिया कि अनुमोदित अनुसूचित दर को 31 अगस्त 2026 के प्रभाव से पूरे झारखंड राज्य में सभी संबंधित विभागों में लागू किया जाएगा।

राज्य स्तरीय समिति की बैठक में हुआ मंथन
यह बैठक तकनीकी परीक्षक कोषांग, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, झारखंड, रांची के मुख्य अभियंता-सह-संयोजक ई. समरेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता/समन्वय में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अभियंताओं एवं अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
विभागीय Draft SOR पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में सबसे पहले सभी विभागों के Dedicated SOR Cell द्वारा तैयार किए गए विभागीय Draft SOR को समिति के समक्ष रखा गया। इन प्रारूपों में विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए निर्धारित दरों के Analysis पर समिति के सदस्यों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया।
2020 की SOP के प्रावधानों के तहत मिला अनुमोदन
समिति ने विचार-विमर्श के बाद विभागीय Draft SOR के Analysis को Jharkhand Schedule of Rates Framing Standard Operating Procedure, 2020 में निहित प्रावधानों के आलोक में अनुमोदित किया। इससे राज्य के विभिन्न विभागों में निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए अनुसूचित दरों के निर्धारण एवं उपयोग को एक निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप लागू करने का रास्ता साफ हुआ।
31 अगस्त से पूरे राज्य में लागू होगी अनुमोदित दर
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि 31.08.2026 के प्रभाव से पूरे झारखंड राज्य में सभी संबंधित विभागों की अनुमोदित अनुसूचित दर लागू की जाएगी। यानी निर्धारित तिथि से विभागीय कार्यों में अनुमोदित नई दरों को आधार बनाकर आगे की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
दर में गलती मिली तो तत्काल देनी होगी सूचना
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुमोदित अनुसूचित दर में यदि किसी प्रकार की त्रुटि, विसंगति या तकनीकी गलती सामने आती है, तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी बिना विलंब समिति के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
शुद्धि पत्र जारी कर दूर की जाएगी त्रुटि
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि अनुमोदित दर में कोई त्रुटि दृष्टिगोचर होती है, तो समिति उसके परीक्षण के बाद आवश्यक सुधार की प्रक्रिया अपनाएगी और जरूरत पड़ने पर शुद्धि पत्र निर्गत किया जाएगा। इससे लागू की गई अनुसूचित दर में सामने आने वाली तकनीकी खामियों को समय रहते ठीक किया जा सकेगा।
कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में भवन निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, ऊर्जा विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा पथ निर्माण विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अभियंता प्रमुख, भवन निर्माण विभाग; अभियंता प्रमुख, जल संसाधन विभाग; मुख्य विद्युत अभियंता, ऊर्जा विभाग; मुख्य अभियंता, सी.डी.ओ., पेयजल एवं स्वच्छता विभाग; मुख्य अभियंता, सी.डी.ओ., पथ निर्माण विभाग सहित जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता ने भाग लिया।
सरकारी निर्माण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण फैसला
राज्य में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित होने वाले निर्माण एवं विकास कार्यों में अनुसूचित दर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में राज्य स्तरीय समिति द्वारा Draft SOR के Analysis को मंजूरी देकर 31 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में अनुमोदित अनुसूचित दर लागू करने का निर्णय सरकारी निर्माण कार्यों के लिए अहम माना जा रहा है।
राज्य सरकार के तकनीकी परीक्षक कोषांग, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की ओर से जारी कार्यवाही प्रतिवेदन को संबंधित विभागों के अभियंता प्रमुखों एवं मुख्य अभियंताओं को अग्रेतर कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराया गया है।














