भव्य पंडालों में मां दुर्गा की आराधना की तैयारी पूरी, शाम तक होगा उद्घाटन
किरीबुरू टाउनशिप, प्रोस्पेक्टिंग और मेघाहातुबुरू में आकर्षक सजावट; मुर्गापाड़ा की करुआ बस्ती में दिखेगी पारंपरिक पूजा की झलक
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू : सेल की लौह अयस्क खदानों के लिए प्रसिद्ध किरीबुरू और मेघाहातुबुरू की जुड़वां नगरी में शारदीय दुर्गोत्सव को लेकर उत्साह चरम पर है। दोनों शहरों में चार स्थानों पर मां दुर्गा की पूजा हर्षोल्लास, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाई जा रही है। पूजा पंडालों को आकर्षक रूप देने के साथ ही श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार शाम तक सभी पूजा पंडालों का उद्घाटन होने के साथ ही दुर्गोत्सव का उल्लास और बढ़ जाएगा।

चार स्थानों पर सजे मां दुर्गा के दरबार
किरीबुरू टाउनशिप, प्रोस्पेक्टिंग और मेघाहातुबुरू की पूजा कमेटियों की ओर से भव्य पंडालों का निर्माण कराया गया है। वहीं, किरीबुरू के मुर्गापाड़ा स्थित करुआ बस्ती में भी पारंपरिक तरीके से दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा है। चारों पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
पूजा कमेटियों की तैयारियों के बीच पंडालों को अंतिम रूप दिया गया है। मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

आकर्षक पंडाल और साज-सज्जा बनेंगे आकर्षण
दुर्गोत्सव के अवसर पर किरीबुरू और मेघाहातुबुरू की धार्मिक एवं सांस्कृतिक छटा देखते ही बनेगी। विभिन्न पूजा कमेटियों ने अपने-अपने पंडालों को आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन, पंडालों की सजावट और पूजा की पारंपरिक विधियां इस पर्व के प्रमुख आकर्षण होंगे।
सेल की इन दोनों जुड़वां नगरियों में दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मेल-मिलाप, आपसी सद्भाव और सामुदायिक एकता का भी प्रतीक है। विभिन्न समुदायों के लोग मिलकर इस पर्व में भाग लेते हैं और उत्सव की खुशियां साझा करते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुलजार होंगे पूजा पंडाल
चारों पूजा स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी तैयारी है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां दुर्गोत्सव के उत्साह को और बढ़ाएंगी।
शाम के समय पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर होने की उम्मीद है। बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए भी दुर्गापूजा खास आकर्षण का केंद्र रहेगी।

आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का पर्व
किरीबुरू और मेघाहातुबुरू में दुर्गापूजा का आयोजन वर्षों से स्थानीय जनजीवन का अहम हिस्सा रहा है। पूजा कमेटियों और स्थानीय लोगों के सामूहिक सहयोग से यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश देता है।
मां दुर्गा की आराधना के साथ शुरू होने वाला यह उत्सव दोनों शहरों में उल्लास, भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत तस्वीर पेश करेगा। अब श्रद्धालुओं को पूजा पंडालों के उद्घाटन और मां दुर्गा के दर्शन का इंतजार है।









