मेघाहातुबुरू–किरीबुरू क्षेत्र के ग्रामीणों के बच्चों को बड़बिल और नोवामुंडी तक बस सेवा उपलब्ध कराने की उठी मांग, शिक्षा में भेदभाव समाप्त करने पर जोर
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
मुख्य महाप्रबंधक को सौंपा गया ज्ञापन
मेघाहातुबुरू–किरीबुरू क्षेत्र में निवास करने वाले गैर-सेल कर्मचारियों के बच्चों के लिए स्कूल बस सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के मेघाहातुबुरू अयस्क खान के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा।

शिक्षा में भेदभाव का लगाया आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में सेल अपने कर्मचारियों के बच्चों के लिए स्कूल बस की सुविधा उपलब्ध कराता है, जबकि उसी क्षेत्र में रहने वाले गैर-सेल परिवारों के बच्चों को यह सुविधा नहीं मिल रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है और स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
ग्रामीण भी सेल व्यवस्था के सहयोगी
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मेघाहातुबुरू–किरीबुरू क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार निवास करते हैं, जो सीधे सेल के कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन विभिन्न माध्यमों से कंपनी की गतिविधियों के सहयोगी हैं। ऐसे में कंपनी का सामाजिक दायित्व बनता है कि वह प्रभावित क्षेत्र के सभी लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करे।
बड़बिल और नोवामुंडी के लिए बस सेवा की मांग
जनप्रतिनिधियों ने मुख्य महाप्रबंधक से आग्रह किया कि स्थिति की समीक्षा करते हुए मेघाहातुबुरू–किरीबुरू क्षेत्र में रहने वाले गैर-सेल कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी बड़बिल एवं नोवामुंडी तक स्कूल बस सुविधा शीघ्र शुरू की जाए, ताकि वे बिना किसी कठिनाई के शिक्षा प्राप्त कर सकें।
इन जनप्रतिनिधियों ने की मुलाकात
मुख्य महाप्रबंधक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने वालों में जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, किरीबुरू पश्चिम की मुखिया पार्वती किड़ो, मेघाहातुबुरू उत्तरी की मुखिया लिपि मुंडा तथा मेघाहातुबुरू दक्षिण की मुखिया प्रफ्फुलित ग्लोरिया टोपनो शामिल थीं। सभी ने क्षेत्र के बच्चों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।














