समाज की एकता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को किया गया याद, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
आदिवासी हो समाज महासभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रख्यात समाजसेवी स्वर्गीय सागु सामड की 91वीं जयंती सोमवार को किरीबुरू स्थित आदिवासी कल्याण केंद्र परिसर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी हो समाज युवा महासभा, आदिवासी कल्याण केंद्र किरीबुरू, मेघाहातुबुरू प्रॉस्पेक्टिंग तथा आदिवासी हो समाज महिला महासभा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय सागु सामड के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज की एकता एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने का संकल्प लिया।
समाज को एक सूत्र में पिरोने का किया था प्रयास
वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सागु सामड एक समर्पित शिक्षक, दूरदर्शी समाजसेवी और आदिवासी हो समाज के प्रखर संगठनकर्ता थे। उन्होंने समाज को संगठित और एकजुट करने के उद्देश्य से आदिवासी हो समाज महासभा की स्थापना की थी।

शिक्षा के क्षेत्र में रहा अमूल्य योगदान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सागु सामड ने शिक्षा के प्रसार के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। विशेष रूप से आसुरा स्कूल की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे क्षेत्र के अनेक बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।
बच्चों और महिलाओं की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने स्वर्गीय सागु सामड के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर नीलम पुरती, पद्मनी लागुरी, सुनंदा सिंकु, नीलिमा लागुरी, सुशांति सिरका, अनीता लागुरी, बसंती हेंब्रम, अंजली बिरुवा, गीता लागुरी, नूतन पुरती, सेरगेया अंगारिया, माधव चंद्र कोड़ा, गोपी लागुरी, श्याम बिरुवा, धनुर्जय लागुरी, सिकंदर बोयपाई, संजीव चंपिया सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग, महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन स्वर्गीय सागु सामड के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि के साथ हुआ।














