जिले के सभी विद्यालयों में ‘खेल महोत्सव’ का फैसला, नुईया स्कूल में दिखा उत्साह और प्रतिभा का संगम
रिपोर्ट संदीप गुप्ता
शिक्षा के साथ-साथ खेल को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अब जिले के सभी श्रेणी के विद्यालयों में प्रत्येक माह की 05 तारीख को “खेल दिवस/खेल महोत्सव” आयोजित किया जाएगा। यह फैसला जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय स्टेयरिंग सह मॉनिटरिंग कमिटी की बैठक में “परखः तैयारी नई उड़ान” कार्यक्रम के तहत लिया गया।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों में खेल भावना विकसित करना, उनकी शारीरिक क्षमता को बढ़ाना और पढ़ाई के साथ-साथ समग्र विकास सुनिश्चित करना है।

“12 मई को होगा सम्मान: विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार”
बैठक में यह भी तय किया गया कि 12 मई 2026 को विद्यालय स्तर पर खेल महोत्सव के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। इससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।
खेल गतिविधियों के साथ-साथ समसामयिक विषयों पर चर्चा-परिचर्चा भी आयोजित की जाएगी, ताकि छात्र न सिर्फ शारीरिक बल्कि बौद्धिक रूप से भी मजबूत बन सकें।
“नुईया विद्यालय में दिखा जोश: बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा”
इस निर्णय के तहत नुईया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में खेल महोत्सव का आयोजन किया गया, जहां छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे विद्यालय परिसर में बच्चों के जोश और उमंग का माहौल देखने लायक था।
कार्यक्रम में छोटे-छोटे खेलों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का प्रयास किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया।
“चलचित्र के जरिए सीख: खेल के साथ ज्ञान का संगम”
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की एकाग्रता और ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से चलचित्र के माध्यम से एक प्रेरणादायक फिल्म भी दिखाई गई। इससे बच्चों को न केवल मनोरंजन मिला, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली।
“प्रतियोगिताओं में चमके प्रतिभाशाली छात्र”
खेल महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया—
गोटी-चम्मच दौड़ में पदमा होनहागा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, इंदु बोयपोय द्वितीय और सुजाता मुंडू तृतीय स्थान पर रहीं।
बैलून रेस में अविनाश कुंडल ने पहला स्थान हासिल किया, राजा चाम्पिया दूसरे और नर्सिंग चाम्पिया तीसरे स्थान पर रहे।
लूडो प्रतियोगिता में अनीश एंड ग्रुप प्रथम, हल्याणी एंड ग्रुप द्वितीय तथा पदमा एंड ग्रुप तृतीय स्थान पर रहा।
इन प्रतियोगिताओं ने बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को सामने लाने का काम किया।
“शिक्षकों और ग्रामीणों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह”
इस मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश कुमार दास, गीता महतो, एस्पायर संस्था से पुनम देवी, अनिता चाम्पिया, साक्षी सिंह सहित अन्य शिक्षकगण और ग्रामीण उपस्थित रहे।
सभी ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रदर्शन की सराहना की।

“खेल से बनेगा आत्मविश्वास और टीम वर्क”
इस खेल महोत्सव का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम वर्क की भावना को विकसित करना है। खेल के माध्यम से बच्चे हार-जीत को स्वीकार करना सीखते हैं और जीवन में आगे बढ़ने का हौसला पाते हैं।
“नई पहल, नई उड़ान: शिक्षा के साथ खेल को भी मिलेगा सम्मान”
जिला प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से बच्चों के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
हर महीने खेल महोत्सव के आयोजन से विद्यालयों में नई ऊर्जा का संचार होगा और बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी अपनी पहचान बना सकेंगे।
“अब हर 5 तारीख—खेल, खुशी और काबिलियत का दिन”
यह पहल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
अब देखना यह होगा कि इस योजना को कितनी गंभीरता से लागू किया जाता है और यह बच्चों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव लाती है।













