किरीबुरू-मेघाहातुबुरु में दिनभर छाया सन्नाटा, सड़कें वीरान। स्कूली बच्चों से लेकर दुकानदार और दिहाड़ी मजदूर तक परेशान
ओड़िशा की ओर से सक्रिय मौसम तंत्र का झारखंड के सीमावर्ती इलाकों पर असर
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय गहरे अवदाब के प्रभाव से झारखंड और ओड़िशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले करीब 24 घंटे से सारंडा क्षेत्र में लगातार बारिश, तेज ठंडी हवाओं और घने कोहरे का दौर जारी रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेषकर किरीबुरू, मेघाहातुबुरु एवं आसपास के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिमी सिंहभूम समेत झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

सड़कों पर पसरा सन्नाटा
लगातार बारिश और घने कोहरे के कारण किरीबुरू-मेघाहातुबुरु की सड़कों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम आवाजाही देखने को मिली। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण कई स्थानों पर कोहरा इतना घना रहा कि वाहन चालकों को भी दिन के समय हेडलाइट जलाकर आवागमन करना पड़ा।
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलते नजर आए। बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर भी सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल नहीं रही।

स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी
मौसम खराब होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों पर देखने को मिला। सुबह बारिश के बीच बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हुई। कई बच्चे छाता और रेनकोट के सहारे स्कूल पहुंचे, जबकि छुट्टी के समय बारिश और ठंडी हवाओं के कारण उन्हें वापस घर लौटने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ओड़िशा के कई प्रभावित जिलों में खराब मौसम के कारण 24 सितंबर तक स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने जैसे एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं।
दुकानदारों का कारोबार प्रभावित
लगातार बारिश ने स्थानीय दुकानदारों के व्यवसाय पर भी असर डाला है। बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम होने से छोटे दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हुई। चाय, नाश्ता, सब्जी और दैनिक जरूरतों की दुकानों को छोड़कर अन्य कई दुकानों में अपेक्षाकृत कम ग्राहक दिखाई दिए।
दुकानदारों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी रहा तो आने वाले दिनों में कारोबार पर और असर पड़ सकता है।
दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
खराब मौसम का सबसे सीधा असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है। बारिश के कारण निर्माण, लोडिंग-अनलोडिंग और अन्य दैनिक मजदूरी से जुड़े कई कार्य प्रभावित हुए हैं। काम नहीं मिलने से मजदूरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दिहाड़ी पर निर्भर परिवारों के लिए बारिश का लगातार जारी रहना चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि काम बंद रहने का सीधा असर उनकी दैनिक आय पर पड़ता है।
ठंडी हवाओं और कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
सारंडा के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ चल रही तेज ठंडी हवाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। सामान्य दिनों की तुलना में तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता भी प्रभावित हो रही है।
विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को बारिश, फिसलन और कम दृश्यता के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

ओड़िशा में भी मौसम को लेकर सतर्कता
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के कारण ओड़िशा के दक्षिणी एवं तटीय हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। मौसम तंत्र के ओड़िशा-आंध्र तट को पार करने के बाद इसके प्रभाव से झारखंड में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बताई गई थी।
सारंडा में सामान्य जनजीवन पर व्यापक असर
कुल मिलाकर लगातार बारिश, तेज हवाओं और घने कोहरे ने सारंडा क्षेत्र की रफ्तार धीमी कर दी है। सड़क से लेकर बाजार और कामकाज तक इसका असर दिखाई दे रहा है। लोगों को उम्मीद है कि मौसम जल्द सामान्य होगा और रोजमर्रा की जिंदगी फिर पटरी पर लौटेगी।
फिलहाल खराब मौसम को देखते हुए वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और आम लोगों से सावधानी बरतने तथा अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की अपील की जा रही है।







