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भूख हड़ताल खत्म, प्रबंधन गायब—अब चक्का जाम से आर-पार

On: April 18, 2026 11:15 AM
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72 घंटे तक नहीं हुई सुनवाई, 20 अप्रैल को खदान क्षेत्र ठप करने की चेतावनी

रिपोर्ट — गुवा संवाददाता

गुवा क्षेत्र में 12 गांवों के मुंडा-मानकी के बैनर तले चल रहा 72 घंटे का भूख हड़ताल शनिवार सुबह समाप्त हो गया, लेकिन तीन दिनों तक चले इस आंदोलन के दौरान न तो प्रशासन का कोई अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचा और न ही सेल प्रबंधन ने कोई पहल की। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और अब उन्होंने आंदोलन को और उग्र करने का फैसला लिया है।

तीन दिन भूखे, फिर भी नहीं सुनी गई आवाज

ग्रामीण लगातार तीन दिनों तक अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन या प्रबंधन बातचीत के लिए आगे आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे लोगों में यह धारणा बन गई कि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

अब चक्का जाम से दबाव बनाने की तैयारी

भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 अप्रैल, सोमवार को सुबह 4:00 बजे से सेल के जीरो प्वाइंट से लेकर बंकर क्षेत्र तक चक्का जाम किया जाएगा।
इस दौरान—
* खदान क्षेत्र का पूरा डिस्पैच रोका जाएगा
* बसों के परिचालन को बाधित किया जाएगा
* उत्पादन पर सीधा असर डाला जाएगा
ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि अब आंदोलन केवल प्रतीकात्मक नहीं रहेगा।

‘आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए’

ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है। इस बार जब उन्होंने भूख हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाया, तब भी प्रबंधन की चुप्पी ने उनके गुस्से को और बढ़ा दिया है।

राजनीतिक समर्थन से बढ़ेगा दबाव

आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिल गया है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने ग्रामीणों के पक्ष में खड़े होने का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार, वे सोमवार को चक्का जाम में शामिल होकर आंदोलन का नेतृत्व कर सकते हैं, जिससे प्रशासन और प्रबंधन पर दबाव और बढ़ेगा।

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

गुवा प्रशासन की भूमिका इस पूरे मामले में बेहद निष्क्रिय रही है। तीन दिनों तक भूख हड़ताल चलने के बावजूद किसी अधिकारी का मौके पर न पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। अगर समय रहते पहल नहीं की गई, तो चक्का जाम के दौरान स्थिति बिगड़ सकती है।

अंतिम चेतावनी—अब नहीं रुकेगा आंदोलन

ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसे और उग्र रूप देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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