करथ को हराकर खिताब पर कब्जा, पचमा के युवाओं ने खेल के जरिए दिया सामाजिक बदलाव का संदेश
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पिरो अनुमंडल अंतर्गत पचमा गांव स्थित श्री बोका सिंह स्टेडियम में आयोजित स्टूडेंट क्रिकेट क्लब फ्लड लाइट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला रोमांच, उत्साह और खेल भावना का शानदार संगम बन गया। सुबह तक चले मुकाबले में रजेयां (अमन) की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए करथ की टीम को पराजित कर टूर्नामेंट के खिताब पर कब्जा जमा लिया। जीत के साथ ही पूरा मैदान तालियों, नारों और खिलाड़ियों के उत्साह से गूंज उठा।

फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने दमदार खेल का प्रदर्शन किया। चौके-छक्कों की बारिश और शानदार गेंदबाजी ने दर्शकों को अंतिम ओवर तक बांधे रखा। निर्णायक क्षणों में रजेयां (अमन) की टीम ने बेहतर संयम और आक्रामक खेल दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

अमन बने मैन ऑफ द सीरीज, राजीव को मिला मैन ऑफ द मैच
खिलाड़ियों पर हुई पुरस्कारों की बारिश
प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रॉफी और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विजेता टीम रजेयां (अमन) को ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार, जबकि उपविजेता करथ टीम को भी ट्रॉफी और नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए रजेयां (अमन) के अमन को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया, जबकि फाइनल मुकाबले में शानदार खेल दिखाने वाले राजीव (रजेयां) को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा खिलाड़ियों को अन्य व्यक्तिगत पुरस्कार देकर भी सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया शुभारंभ
खेल को बताया युवाओं की असली ताकत
प्रतियोगिता का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि निशांत उपाध्याय एवं विशिष्ट अतिथि अनिल सिंह सहित अन्य अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। अतिथियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष, नेतृत्व और टीम भावना की सीख देता है।
उन्होंने युवाओं से नशापान से दूर रहकर शिक्षा और खेल को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। कहा कि गांव और समाज तभी आगे बढ़ेगा, जब युवा मैदान और किताब दोनों से जुड़े रहेंगे।

“नशा नहीं, खेल होगा पहचान”
प्रतियोगिता से दिया गया सामाजिक जागरूकता का संदेश
पूरे टूर्नामेंट के दौरान युवाओं को नशा मुक्ति, शिक्षा और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। आयोजन समिति ने कहा कि आज गांवों में बढ़ती नशाखोरी युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रही है। शराब, गांजा और अन्य नशों की लत से दूर रहकर खेल और पढ़ाई से जुड़ना ही युवाओं का असली भविष्य है।
मैदान में लगातार “नशा छोड़ो, खेल से जुड़ो”, “शिक्षित युवा, मजबूत समाज” और “स्वस्थ युवा, विकसित गांव” जैसे संदेश गूंजते रहे।

मैदान का अभाव, लेकिन युवाओं का हौसला बुलंद
सीमित संसाधनों में किया शानदार फ्लड लाइट टूर्नामेंट
इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि खेल मैदान और संसाधनों की कमी के बावजूद गांव के युवाओं ने अपने दम पर इतना शानदार फ्लड लाइट टूर्नामेंट आयोजित कर दिखाया।
ग्रामीणों ने कहा कि यह आयोजन साबित करता है कि यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले तो वे हर कठिनाई को अवसर में बदल सकते हैं। सीमित संसाधनों में किया गया यह आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं और युवाओं की मेहनत का बड़ा उदाहरण बन गया।

गांव के युवाओं ने संभाली आयोजन की कमान
खेल के जरिए समाज को नई दिशा देने की कोशिश
इस सफल आयोजन को यादगार बनाने में आयोजन समिति के युवाओं की अहम भूमिका रही। आयोजन समिति में शिवम सिंह, अंशु उर्फ दारा सिंह, इंद्रमणि कुमार, रंजन सिंह, डम्पी सिंह, सोनू सिंह, हिमांशु सिंह उज्जैन, छोटे सिंह, शुभम सिंह, प्रेम सिंह, शशि रंजन, विष्णु जी, जीतू सिंह, नवनीत सिंह, भोलू, लालू, अनिकेत, तनु समेत कई युवा दिन-रात मेहनत में जुटे रहे।
समिति के सदस्यों ने गांव-गांव जाकर युवाओं को खेल से जुड़ने, शिक्षा अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

पचमा में खेल के साथ जागी नई उम्मीद
क्रिकेट प्रतियोगिता बनी सामाजिक बदलाव की मिसाल
ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने इस आयोजन को सिर्फ क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और युवाओं की सकारात्मक सोच का प्रतीक बताया।
पूरे पिरो अनुमंडल में इस टूर्नामेंट की चर्चा रही। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजन गांवों में भाईचारा, एकता और खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को नई दिशा देने का काम करते हैं।













