स्थानीय युवाओं के हक को लेकर सड़क पर उतरा सशक्त संयुक्त मोर्चा, कंपनी पर स्थानीय नीति की अनदेखी का आरोप
गुवा संवाददाता।
गुवा सेल में ठेका कंपनी द्वारा बाहरी लोगों की बहाली को लेकर मंगलवार को माहौल गरमा गया। स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर सशक्त संयुक्त मोर्चा ने ठेका मजदूरों और बेरोजगार युवकों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने मां सरला कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कंपनी पर स्थानीय युवाओं के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय युवक, ठेका मजदूर और विभिन्न मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गुवा क्षेत्र में सैकड़ों स्थानीय युवक बेरोजगार घूम रहे हैं, लेकिन कंपनी बाहरी लोगों का भीटी मेडिकल एवं ट्रेनिंग कराकर उन्हें नौकरी देने में लगी हुई है। इससे स्थानीय युवाओं में भारी नाराजगी है।

“स्थानीयों का हक छीना जा रहा”
सशक्त संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी सुनियोजित तरीके से बाहरी लोगों को रोजगार देकर स्थानीय युवाओं के हक पर डाका डाल रही है। उन्होंने कहा कि गुवा जैसे खनन क्षेत्र में सबसे पहला अधिकार यहां के विस्थापितों, स्थानीय युवाओं और मजदूर परिवारों का होना चाहिए, लेकिन कंपनी उनकी उपेक्षा कर रही है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि स्थानीय नीति को ताक पर रखकर की जा रही बहाली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“60 पार स्टाफ अब भी नौकरी में क्यों?”
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने कंपनी के स्टाफ रूद्रो प्रधान को लेकर भी सवाल खड़े किए। मोर्चा का आरोप था कि उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें नौकरी में बनाए रखा गया है। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
नेताओं ने कहा कि एक तरफ स्थानीय बेरोजगार युवक रोजगार के लिए भटक रहे हैं, दूसरी तरफ सेवानिवृत्ति की उम्र पार कर चुके लोगों को अब भी नौकरी में बनाए रखना युवाओं के साथ अन्याय है।
मजदूर संगठनों ने दिखाई एकजुटता
आंदोलन में कई मजदूर संगठनों और बेरोजगार संघों ने एकजुट होकर भाग लिया। नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के भविष्य और अधिकारों की लड़ाई है। यदि कंपनियां स्थानीय लोगों की अनदेखी करती रहीं तो आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन खड़ा होगा।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे लोग
प्रदर्शन में झारखंड मजदूर यूनियन के महासचिव हेमराज सोनार, अध्यक्ष लालमोहन महतो, भारतीय मजदूर संघ के महासचिव मुकेश लाल, समीर पाठक, सीटू के महेश गोप, क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ के राकेश सुंडी, बेरोजगार संघ के उदय सिंह, कैलाश दास समेत बड़ी संख्या में ठेका मजदूर और बेरोजगार युवक मौजूद रहे।













