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शहीद बिरसा स्मारक बना चोरों का अड्डा! लोहे की ग्रिल तोड़कर बनाया गुप्त ‘सेल्टर हाउस’

On: June 13, 2026 11:44 AM
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किरीबुरू-मेघाहातुबुरु में बढ़ती चोरी के पीछे बच्चा गैंग पर शक, प्रतिमा के पीछे छिपे ठिकाने ने पुलिस और प्रबंधन को भी किया हैरान

रिपोर्ट : शैलेश सिंह

शहीदों की धरोहर पर असामाजिक तत्वों का कब्जा!

किरीबुरू-मेघाहातुबुरु शहर में लगातार हो रही छोटी-छोटी चोरी की घटनाओं के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। दोनों शहरों के बीच स्थित ऐतिहासिक शहीद बिरसा स्मारक परिसर को कथित तौर पर चोरों के बच्चा गैंग ने अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है।

चोरों द्वारा तोड़ा गया लोहे का ग्रिल

पुण्यतिथि की तैयारी में खुला बड़ा राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि से पूर्व स्मारक समिति के पदाधिकारी परिसर की साफ-सफाई के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि स्मारक की पिछली बाउंड्री पर लगी लोहे की सुरक्षा ग्रिल को तोड़ दिया गया है।

चोरों द्वारा बनाया गया सेल्टर हाउस

प्रतिमा के पीछे बनाया गया गुप्त ‘सेल्टर हाउस’

आरोप है कि उसी लोहे का उपयोग कर बिरसा प्रतिमा के ठीक पीछे गहरे हिस्से में एक अस्थायी ‘सेल्टर हाउस’ तैयार किया गया है। इस गुप्त ठिकाने में बैठने के लिए तीन पुरानी कुर्सियां रखी गई हैं। धूप और बारिश से बचने के लिए लोहे की ग्रिल पर डंडे लगाकर उसके ऊपर पत्तों से छाया बनाई गई है।

ऐसी जगह, जहां किसी की नजर नहीं पड़ती

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह ठिकाना ऐसी जगह बनाया गया है, जहां किसी भी दिशा से आसानी से नजर नहीं पड़ती। केवल प्रतिमा के पीछे जाकर देखने पर ही इसका पता चलता है।

बंद रहता है मुख्य गेट, फिर कौन पहुंच रहा अंदर?

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्मारक का मुख्य गेट हमेशा बंद रहता है और पीछे की ओर गहरी खाई होने के कारण आम लोगों का वहां पहुंचना आसान नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले लोग जोखिम उठाकर यहां प्रवेश करते हैं और इसे सुरक्षित शरणस्थली के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

पुलिस और सेल प्रबंधन भी रह गए दंग

शाहिद बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के दिन किरीबुरू थाना प्रभारी तथा सेल प्रबंधन के अन्य अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया था। स्मारक परिसर के भीतर इस तरह के गुप्त ठिकाने को देखकर अधिकारी भी हतप्रभ नजर आए। पुलिस और संबंधित विभाग अब ऐसे संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने की बात कह रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

ऐतिहासिक और शहीदों की स्मृति से जुड़े स्थल का इस प्रकार असामाजिक तत्वों के अड्डे में तब्दील होना सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

स्थानीय लोगों की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्मारक परिसर और शहर की नियमित निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहीद और अन्य धार्मिक स्थलों की इस धरोहर की गरिमा बनी रहे।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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