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नशा मुक्त समाज की ओर महिलाओं की हुंकार: किरीबुरू में रात्रि चौपाल, घर-घर जागरण का संकल्प

On: June 19, 2026 7:44 PM
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प्रोजेक्ट जागृति के तहत जेएसएलपीएस की महिलाओं ने छेड़ी मुहिम, बोलीं—नशा छोड़ो, परिवार और भविष्य बचाओ

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

पश्चिम सिंहभूम जिले में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” अभियान के तहत अब गांव-गांव जागरूकता की मशाल जलने लगी है। उपायुक्त के निर्देशानुसार चल रहे नशा मुक्त पश्चिम सिंहभूम अभियान के अंतर्गत किरीबुरू के चर्च हाटिंग क्षेत्र में जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) से जुड़ी महिलाओं ने रात्रि चौपाल का आयोजन कर समाज को नशामुक्त बनाने का बिगुल फूंका।
रात्रि चौपाल में महिलाओं ने गांव के महिला, पुरुष और युवाओं को एकजुट कर नशापान के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी और इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया। चौपाल का माहौल केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की एक मजबूत पहल के रूप में उभरकर सामने आया।

घर से शुरू होगी नशा मुक्ति की लड़ाई

चौपाल में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि नशे की जड़ें समाज में इतनी गहरी हो चुकी हैं कि इसे खत्म करने के लिए हर घर को मोर्चा संभालना होगा। महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने घरों से इस अभियान की शुरुआत करेंगी और अपने पति, बेटों तथा परिवार के अन्य सदस्यों को नशे से दूर रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी।
महिलाओं ने यह भी तय किया कि वे अपने-अपने पड़ोसियों को भी जागरूक करेंगी और “एक घर, एक परिवार, एक पड़ोसी” को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम करेंगी। उनका कहना था कि जब तक समाज की महिलाएं एकजुट होकर इस लड़ाई को नहीं लड़ेंगी, तब तक नशे की समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं होगा।

नशा बना घरेलू हिंसा और बर्बादी की जड़

चौपाल के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शराब और अन्य मादक पदार्थों की लत ने समाज के कई परिवारों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। नशे की वजह से घरेलू हिंसा, परिवारिक कलह, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
महिलाओं ने बताया कि कई घरों में पुरुषों की कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में बर्बाद हो जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, परिवार का भरण-पोषण और भविष्य की योजनाएं प्रभावित होती हैं। इसका सीधा असर परिवार की खुशहाली और सामाजिक विकास पर पड़ता है।

स्वास्थ्य पर पड़ रहा गंभीर असर

जागरूकता कार्यक्रम में स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं ने बताया कि अत्यधिक नशापान से लीवर की बीमारी, हृदय रोग, मानसिक विकार, कमजोरी और समय से पहले मृत्यु जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। युवाओं को विशेष रूप से समझाया गया कि नशा उनके भविष्य, शिक्षा और करियर को बर्बाद कर सकता है।
युवाओं से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहें और अपने दोस्तों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

महिलाएं बनीं बदलाव की असली ताकत

इस अभियान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि समाज में बदलाव की असली ताकत महिलाएं ही हैं। जहां एक ओर प्रशासन नशामुक्ति अभियान को गति दे रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर महिलाएं इस अभियान की रीढ़ बनकर सामने आ रही हैं।
चर्च हाटिंग की यह रात्रि चौपाल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतना का संदेश बनकर उभरी। यह साबित करता है कि यदि समाज के लोग खुद आगे आएं तो नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

समाज को बचाने की सामूहिक पहल

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नशा छोड़ने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस दौरान महिलाओं ने प्रशासन से भी मांग की कि गांवों में अवैध शराब बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई जाए ताकि इस अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
इस अवसर पर कनक मिश्रा, प्रतिमा सिंह सहित दर्जनों महिलाएं, पुरुष और युवा उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि नशा मुक्त समाज ही स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज की नींव है।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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