पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda और पूर्व सांसद Geeta Koda के करीबी थे किनूराम मुंडा
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सेल किरीबुरू के सिविल विभाग में कार्यरत युवा कर्मचारी किनूराम मुंडा उर्फ “ढेले” की असमय मौत की खबर से पूरे किरीबुरू शहर में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार 24 जून की शाम लगभग 6:30 बजे, सेल किरीबुरू अस्पताल से इलाज के लिए कोलकाता स्थित अस्पताल ले जाने के दौरान ओडिशा के क्योंझर में उनकी मौत हो गई।

इलाज के बीच टूटी जिंदगी की डोर
बताया जाता है कि किनूराम मुंडा लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पहले उन्हें भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत को अत्यंत नाजुक बताया था। डॉक्टरों ने लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखने की तैयारी भी शुरू कर दी थी।
लेकिन परिजनों ने अंतिम प्रयास के तहत उन्हें वहां से डिस्चार्ज कर 24 जून की सुबह सेल किरीबुरू अस्पताल लाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।
परिजनों की उम्मीद, रास्ते में टूट गई
परिजनों के आग्रह पर शाम को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस के जरिए उन्हें कोलकाता रेफर किया गया। लेकिन सफर के दौरान क्योंझर पहुंचते ही उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

राजनीति और समाज में सक्रिय चेहरा
किनूराम मुंडा केवल सेल के एक कर्मचारी ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय थे। वे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda और पूर्व सांसद Geeta Koda के बेहद करीबी माने जाते थे। स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ और मिलनसार स्वभाव के कारण वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे।
अत्यधिक शराब बनी जानलेवा
परिजनों और करीबी सूत्रों के अनुसार, किनूराम लंबे समय से अत्यधिक शराब सेवन की आदत से जूझ रहे थे। माना जा रहा है कि यही उनकी बिगड़ती सेहत और अंततः मौत का प्रमुख कारण बना। उनकी मौत एक बार फिर समाज के सामने शराब के दुष्प्रभावों की कठोर सच्चाई उजागर करती है।
अविवाहित थे, पीछे छोड़ गए यादों का संसार
ढेले मुंडा की अभी शादी नहीं हुई थी। वे अपने हंसमुख और मिलनसार व्यवहार के कारण हर वर्ग में लोकप्रिय थे। उनके निधन की खबर मिलते ही मित्रों, सहकर्मियों और राजनीतिक सहयोगियों में शोक की लहर फैल गई।

शराब की लत: युवाओं के लिए बड़ा सबक
किनूराम की मौत सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है। आज जिस तरह युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है, वह आने वाले समय के लिए गंभीर संकेत है। एक उभरता हुआ युवा, जो सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय था, असमय मौत का शिकार हो गया—यह पूरे क्षेत्र के लिए गहरी सीख है।














