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बैतरणी ने निगल ली मासूम की जिंदगी, सिस्टम फिर बना मूकदर्शक

On: July 2, 2026 8:51 AM
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जैंतगढ़ में 12 वर्षीय अयान सरवर की डूबकर मौत, पांच साल पहले भी इसी जगह गई थी एक बच्चे की जान, फिर भी नहीं जागा प्रशासन

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

जैंतगढ़ की बैतरणी नदी ने एक बार फिर एक मासूम की जिंदगी निगल ली। मंगलवार 1 जुलाई की दोपहर करीब 2:30 बजे घटी इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 12 वर्षीय अयान सरवर नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में समा गया और देखते ही देखते उसकी सांसें थम गईं।
यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, अभिभावकों की अनदेखी और बालू माफियाओं के लालच का खौफनाक नतीजा है।

मदद की गुहार, लेकिन जिंदगी हार गई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अयान अपने जुड़वां भाई सयान के साथ जैंतगढ़ आया हुआ था। वह ओडिशा के चंपुआ स्थित मौलाना गोड़ा का रहने वाला था और अपने मामा के घर आया था।
नहाने के दौरान अचानक अयान गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। नदी किनारे मौजूद एक अन्य बच्चे से उसने मदद की गुहार लगाई। उस बच्चे ने अपनी तरफ से बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन असफल रहा। इसके बाद वह मदद के लिए दौड़ा और एक बाइक सवार को घटना की जानकारी दी।
कुछ ही मिनटों में खबर आग की तरह फैल गई।

10 मिनट में जुटी सैकड़ों की भीड़, युवाओं ने दिखाई बहादुरी

घटना की सूचना मिलते ही लगभग 10 मिनट के भीतर नदी किनारे सैकड़ों लोग जमा हो गए। भीड़ में मौजूद 15 से 20 युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी।
इसके बाद शुरू हुआ जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष।
स्थानीय थाना पुलिस और मीडिया कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। लगभग 15 से 20 मिनट की खोजबीन के दौरान एक गोताखोर को शव का स्पर्श महसूस हुआ, जिससे लोगों की उम्मीद जगी। लेकिन नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण बार-बार सफलता हाथ से फिसलती रही।

बारिश भी नहीं तोड़ सकी हौसला

इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। लोग इधर-उधर छितर गए, लेकिन नदी में उतरे युवाओं का साहस नहीं टूटा। वे लगातार खोजबीन करते रहे।
आखिरकार एक युवक ने अयान के पैर को पकड़कर उसे पानी के ऊपर निकाला। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पूरे क्षेत्र में मातम छा गया।

यह सिर्फ खबर नहीं, किसी घर का बुझा चिराग

हमारे और आपके लिए यह एक खबर हो सकती है, लेकिन अगर गहराई से सोचें तो यह किसी परिवार की जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द है।
अयान सिर्फ 12 साल का था। उसकी आंखों में सपने थे, उसके माता-पिता ने उसके भविष्य के लिए हजारों उम्मीदें संजोई थीं। लेकिन अब वह सब हमेशा के लिए खत्म हो गया।
एक मां की गोद सूनी हो गई, एक पिता का सहारा छिन गया और एक जुड़वां भाई जिंदगी भर इस दर्द के साथ जीने को मजबूर होगा।

पांच साल पहले भी गई थी जान, फिर भी नहीं लगा चेतावनी बोर्ड

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठीक पांच साल पहले इसी स्थान पर एक और बच्चे की डूबकर मौत हुई थी। अगर उस घटना के बाद यहां चेतावनी बोर्ड लगाया गया होता, खतरे के निशान लगाए गए होते या बैरिकेडिंग की गई होती, तो शायद आज अयान जिंदा होता।
लेकिन सिस्टम हर बार मौत के बाद ही जागता है।

अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल

इस घटना ने अभिभावकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आखिर 12 साल का बच्चा अकेले नदी तक कैसे पहुंच गया? घरवालों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी? बच्चों पर निगरानी की कमी भी ऐसे हादसों को जन्म देती है।

बालू माफियाओं की खुदाई बन रही मौत का कुआं

इस हादसे का एक काला सच और भी है।
जैसे ही नदी का जलस्तर कम होता है, बालू माफिया अवैध खनन शुरू कर देते हैं। नदी के भीतर गहरे गड्ढे खोद दिए जाते हैं। बाद में जब पानी भरता है, तो इन गड्ढों की गहराई नजर नहीं आती।
यही छिपी हुई खाइयां मासूमों और आम लोगों के लिए मौत का जाल बन जाती हैं।
क्या प्रशासन को यह नहीं दिखता? या फिर सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जाता है?

आपदा में राज्य और जिला की सीमा क्यों?

यह भी बड़ा सवाल है कि आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ जैसी एजेंसियों को राज्य और जिला सीमा में क्यों बांधा जाता है?
अगर तत्काल पेशेवर गोताखोर और बचाव दल पहुंचते, तो शायद कुछ और संभावना बन सकती थी।
सरकार को इस पर ठोस नीति बनानी चाहिए।
सवाल जिनका जवाब जरूरी है

आखिर बैतरणी नदी के इस खतरनाक घाट पर चेतावनी बोर्ड कब लगेगा?

अवैध बालू खनन पर कार्रवाई कब होगी?
प्रशासन हर मौत के बाद ही क्यों जागता है?
बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था कब बनेगी?
अयान अब वापस नहीं आएगा। लेकिन अगर यह घटना भी सिस्टम की फाइलों में दफन हो गई, तो आने वाले दिनों में कोई और अयान इसी तरह मौत का शिकार होगा।
अब फैसला प्रशासन को करना है—कार्रवाई करेगा या अगली लाश का इंतजार?

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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