तीखे मोड़ पर अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार को रौंदा, फरार चालक की तलाश में जुटी पुलिस
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सारंडा के छोटानागरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सैडल और छोटानागरा के बीच झाड़बेड़ा गांव के समीप स्थित एक खतरनाक मोड़ पर अज्ञात वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान ओडिशा के मयूरभंज जिला अंतर्गत बोडसेया गांव निवासी 62 वर्षीय सोनाराम सोरेन के रूप में हुई है।

मौत बनकर आया तेज रफ्तार वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनाराम सोरेन अपनी स्कूटी से मयूरभंज स्थित अपने गांव बोडसेया से राउरकेला की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जब वे सारंडा घाटी के झाड़बेड़ा गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सोनाराम सोरेन सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में उनके सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
खतरनाक मोड़ बना जानलेवा
स्थानीय लोगों का कहना है कि झाड़बेड़ा गांव के समीप यह मोड़ पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है। सड़क संकरी होने और तीखे मोड़ पर वाहन चालकों की लापरवाही के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से यहां सुरक्षा संकेतक और स्पीड कंट्रोल की व्यवस्था करने की मांग की है।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही छोटानागरा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल हालत में पड़े सोनाराम सोरेन को उठाकर मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। साथ ही, फरार वाहन और उसके चालक की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में जांच अभियान तेज कर दिया गया है।
सीसीटीवी और सुराग खंगाल रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। अब पुलिस आसपास के रास्तों, टोल नाकों और संभावित सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि वाहन की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की उम्मीद है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अस्पताल परिसर में परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। सोनाराम सोरेन के निधन की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव बोडसेया पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जा रहा है कि सोनाराम सोरेन ओडिशा पुलिस से सेवानिवृत्त होने के बाद गांव में शांतिपूर्ण जीवन बिता रहे थे। उनके अचानक निधन से परिवार और समाज को गहरा आघात पहुंचा है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सारंडा घाटी की सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने मांग की है कि खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।














