सेल के सीएसआर विभाग की पहल, 8 नए खिलाड़ियों को मिलेगा प्रशिक्षण और आवासीय कैंप का अवसर
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सेल के किरिबुरू लौह अयस्क खदान प्रबंधन ने क्षेत्र के उभरते तीरंदाजों के लिए एक बड़ी पहल की है। किरिबुरू स्थित एकलव्य तीरंदाजी अकादमी में रिक्त सीटों को भरने के लिए नए कैडेट्स के चयन हेतु ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। इसको लेकर सेल प्रबंधन ने आधिकारिक परिपत्र जारी कर इच्छुक खिलाड़ियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
यह पहल न सिर्फ ग्रामीण और आदिवासी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का अवसर देगी, बल्कि क्षेत्र में खेल संस्कृति को भी नई दिशा देगी।

8 सीटों पर होगा चयन, लड़के-लड़कियों दोनों को मौका
जारी परिपत्र के अनुसार अकादमी में कुल 8 नए कैडेट्स का चयन किया जाएगा, जिसमें 3 लड़के और 5 लड़कियां शामिल होंगी। चयनित खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण, आवासीय कैंप और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
खेल प्रेमियों और अभिभावकों में इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है।
25 जून से शुरू आवेदन, 10 जुलाई अंतिम तिथि
चयन प्रक्रिया के तहत आवेदन फॉर्म जमा करने की शुरुआत 25 जून 2026 से हो चुकी है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 सुबह 10 बजे निर्धारित की गई है।
उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन फॉर्म और सहमति पत्र जमा करना अनिवार्य होगा।
आयु सीमा और पात्रता तय
अकादमी में चयन के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 14 वर्ष और अधिकतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है (आधार तिथि 01 अगस्त 2026)। आवेदन के साथ आयु प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
इसके लिए आधार कार्ड, विद्यालय त्याग प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र मान्य होंगे।
ऊंचाई और आर्थिक मापदंड भी जरूरी
परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि लड़कों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 5 फीट 4 इंच और लड़कियों के लिए 5 फीट होनी चाहिए।
साथ ही, आवेदक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होना चाहिए, जिसकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये तक हो।
यह मापदंड इस योजना को जरूरतमंद प्रतिभाओं तक पहुंचाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
चयनित खिलाड़ियों को मिलेगा 7 दिन का विशेष कैंप
प्रारंभिक जांच के बाद कुल 16 आवेदकों को 7 दिनों के विशेष कैंप के लिए चुना जाएगा। इसके बाद अंतिम रूप से 8 कैडेट्स का चयन होगा।
यह ट्रायल कैंप 11 जुलाई 2026 से 17 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान रहने और खाने की व्यवस्था अकादमी द्वारा की जाएगी।
हालांकि, आने-जाने का खर्च अभ्यर्थियों को स्वयं वहन करना होगा।
स्थानीय प्रतिभाओं के लिए सुनहरा मौका
सेल की यह पहल खासतौर पर सारंडा, किरिबुरू, मेघाहातुबुरू, गुवा, बड़ाजामदा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है।
क्षेत्र में पहले भी एकलव्य तीरंदाजी अकादमी से कई प्रतिभाएं निकलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं।
खेल के जरिए भविष्य संवारने का अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे चयन ट्रायल से ग्रामीण प्रतिभाओं को सही मंच मिलता है। आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी के कारण कई प्रतिभाएं पीछे रह जाती हैं, लेकिन इस तरह की पहल उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनती है।
अब देखना होगा कि इस बार अकादमी में कौन-कौन से नए चेहरे अपनी जगह बनाते हैं और आने वाले समय में क्षेत्र का नाम रोशन करते हैं।














