सेल अस्पताल किरीबुरू-मेघाहातुबुरु में चिकित्सकों और मजदूर यूनियन ने मिलकर रोपे पौधे, मानवता और प्रकृति संरक्षण का दिया अनूठा उदाहरण
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
अंतरराष्ट्रीय डॉक्टर्स दिवस के पावन अवसर पर सेल अस्पताल किरीबुरू-मेघाहातुबुरु में सेवा, सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिला। अस्पताल के चिकित्सकों और झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के सदस्यों ने एकजुट होकर अस्पताल परिसर में पौधारोपण किया और समाज को यह संदेश दिया कि “जीवन बचाने वाले हाथ अगर पौधे लगाएं, तो वह सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा भी बोते हैं।”
यह कार्यक्रम सेल अस्पताल के सीएमओ डॉ. नंदी जेराई और झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के महासचिव अफताब आलम के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉक्टरों, अस्पताल कर्मियों और यूनियन प्रतिनिधियों की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।

धरती को हरियाली, समाज को स्वास्थ्य का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत अस्पताल परिसर में पौधारोपण के साथ हुई। डॉ. नंदी जेराई, डॉ. पी.आर. सिंह, डॉ. अर्चना बेक, डॉ. बी.के. सिंह, डॉ. कुल्लू, डॉ. सुमेधा और डॉ. पूजा ने पौधे लगाकर प्रकृति और स्वास्थ्य के बीच गहरे रिश्ते को रेखांकित किया।
पौधारोपण के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि जिस तरह वे मरीजों को जीवनदान देने का काम करते हैं, उसी तरह पेड़-पौधे धरती को जीवन देते हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण की नींव है।

जब डॉक्टर और मजदूर साथ आए, बना एक मिसाल
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि अस्पताल के डॉक्टर और मजदूर संगठन एक साथ एक मंच पर नजर आए। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि समाज की मजबूती आपसी सहयोग और सम्मान से ही संभव है।
इस अवसर पर यूनियन के महासचिव अफताब आलम, इंतखाब आलम, दयानंद कुमार, शहनाज, चंद्रकला, कमल रजक, आनंद हेस्सा पूर्ति, कामता प्रसाद, मोहम्मद फैज, आलम अंसारी, बासु करूआ, नवीन कुमार, रोहित लोहार, संजय तिग्गा और मुब्बसर समेत कई सदस्य मौजूद रहे। अस्पताल के कई स्टाफ और कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

केक काटकर मनाया गया सम्मान का पर्व
पौधारोपण के बाद डॉक्टरों के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान डॉक्टरों ने केक काटकर एक-दूसरे को खिलाया और डॉक्टर्स डे की खुशियां साझा कीं।
यूनियन पदाधिकारियों ने डॉक्टरों को उपहार भेंट कर उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। यह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि डॉक्टरों और समाज के बीच मजबूत विश्वास का प्रतीक भी था।

“मरीज की जिंदगी बचाना ही हमारी पहली जिम्मेदारी”
सीएमओ डॉ. नंदी जेराई ने इस अवसर पर कहा कि अस्पताल परिसर में लगाए गए औषधीय पौधों की देखभाल की जाएगी और उन्हें बड़ा किया जाएगा ताकि यह आने वाले समय में स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए उपयोगी साबित हों।
उन्होंने कहा,
“एक डॉक्टर की पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है कि वह अपने मरीज की जान बचाए और उसे स्वस्थ कर घर भेजे। यही हमारा कर्तव्य और सबसे बड़ा धर्म है।”
उनके इस संदेश ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।

कोविड काल की सेवा को याद कर भावुक हुए अफताब आलम
यूनियन महासचिव अफताब आलम ने डॉक्टरों के समर्पण को याद करते हुए कहा कि कोविड महामारी के दौरान सेल अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने जो सेवा दी, वह किसी मिसाल से कम नहीं थी।
उन्होंने कहा,
“कोविड के कठिन समय में इस अस्पताल के डॉक्टरों और पूरे स्टाफ के अथक प्रयास से एक भी मरीज की जान नहीं गई। यह उनकी सेवा भावना और समर्पण का प्रमाण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार इलाज के दौरान मरीजों के परिजन और डॉक्टरों के बीच तनाव की स्थिति बन जाती है, लेकिन समाज को यह समझना होगा कि डॉक्टर आखिरी सांस तक मरीज को बचाने के लिए संघर्ष करते हैं।

आपसी विश्वास और सम्मान का मजबूत संदेश
यह आयोजन सिर्फ डॉक्टर्स डे मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज को एक बड़ा संदेश दिया— विश्वास, सम्मान और सहयोग ही स्वस्थ समाज की असली नींव है।
जहां एक ओर डॉक्टर अपनी सेवा से जीवन बचाते हैं, वहीं मजदूर संगठन और समाज का सहयोग उन्हें और मजबूती देता है। पौधारोपण के जरिए यह भी बताया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ पर्यावरण कितना जरूरी है।

सेल अस्पताल बना प्रेरणा का केंद्र
सेल अस्पताल किरीबुरू-मेघाहातुबुरु में आयोजित यह कार्यक्रम डॉक्टरों के प्रति सम्मान, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बन गया।
यह आयोजन यह साबित कर गया कि जब सेवा और संवेदना साथ चलती हैं, तब सिर्फ इंसान ही नहीं, पूरा समाज मजबूत होता है।
डॉक्टर्स डे पर दिया गया यह संदेश लंबे समय तक लोगों के दिलों में गूंजता रहेगा—
“डॉक्टर जीवन बचाते हैं, पौधे भविष्य बचाते हैं।”














