रिपोर्ट शैलेश सिंह:
बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों से ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सेल, गुवा प्रबंधन ने सारंडा के 18 सीएसआर गांवों में मच्छरदानी वितरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान सीजीएम माइंस सी.बी. कुमार के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। प्रबंधन का लक्ष्य सभी लाभुक परिवारों तक समय पर मच्छरदानी पहुंचाकर उन्हें मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित करना है।

आठ गांवों में वितरण कार्य पूरा
अभियान के तहत अब तक गुवासाई, हिरजी हाटिंग, नुइया, ठकुरा, गंगदा, दुइया, घाटकुड़ी और लेम्ब्रे गांवों में मच्छरदानियों का वितरण किया जा चुका है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
दो-तीन दिनों में सभी गांव होंगे कवर
सेल गुवा प्रबंधन के अनुसार शेष 10 सीएसआर गांवों में भी अगले दो से तीन दिनों के भीतर मच्छरदानी वितरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, ताकि सभी 18 सीएसआर गांवों के परिवार इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

मलेरिया का कोर जोन है सारंडा
सारंडा क्षेत्र के सभी 18 सीएसआर गांव मलेरिया के कोर जोन में आते हैं। घने जंगल, अधिक वर्षा और नमी के कारण यहां मच्छरों का प्रकोप अधिक रहता है, जिससे हर वर्ष मलेरिया के मामले सामने आते हैं। इसी को देखते हुए सेल प्रबंधन ने सीएसआर योजना के तहत यह विशेष अभियान शुरू किया है, ताकि ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
सीएसआर योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष जोर
सेल की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत संचालित इस अभियान का उद्देश्य केवल मच्छरदानी वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम करना भी है।

अधिकारियों की सक्रिय भूमिका
इस अभियान को सफल बनाने में उप महाप्रबंधक अनिल कुमार सहित सेल गुवा प्रबंधन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। टीम गांव-गांव पहुंचकर मच्छरदानी वितरण के साथ इसके सही उपयोग की भी जानकारी दे रही है।
मच्छरों से बचाव के उपाय
* रात में हमेशा मच्छरदानी लगाकर सोएं।
* घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
* साफ-सफाई बनाए रखें तथा नालियों की नियमित सफाई करें।
* शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
* जरूरत पड़ने पर मच्छररोधी क्रीम या अगरबत्ती का उपयोग करें।
* बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह लें।

ग्रामीणों में खुशी
मच्छरदानी मिलने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में यह पहल मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव में काफी सहायक साबित होगी। सेल गुवा प्रबंधन की यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।














