निदेशक के दौरे में श्रमिक संगठनों की अनदेखी पर फूटा गुस्सा, अस्पताल व्यवस्था पर भी उठाए गंभीर सवाल
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के निदेशक के 31 जुलाई को किरीबुरू और मेघाहातुबुरु खदान दौरे के दौरान श्रमिक संगठनों एवं सेल कर्मियों से शिष्टाचार मुलाकात नहीं कराए जाने को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, मेघाहातुबुरु के महासचिव अफताब आलम ने सेल प्रबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन लगातार मजदूरों की उपेक्षा कर रहा है और उनकी बुनियादी समस्याओं से आंखें मूंदे हुए है।

“पहले चेयरमैन, अब निदेशक… हर बार मजदूरों की अनदेखी”
अफताब आलम ने कहा कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले जब सेल के चेयरमैन किरीबुरू आए थे, तब भी श्रमिक संगठनों के साथ उनकी कोई बैठक नहीं कराई गई थी। अब निदेशक के दौरे में भी वही स्थिति दोहराई गई।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन को केवल उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने की चिंता है, लेकिन उत्पादन करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने का समय नहीं है।
“अब काले झंडे से होगा स्वागत”
महासचिव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भी यही रवैया जारी रहा तो सेल के उच्च अधिकारियों के दौरे के दौरान श्रमिक और मजदूर संगठन उनका काले झंडे से स्वागत और विदाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि मजदूरों की लगातार उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मनोरंजन के लिए समय, मजदूरों के लिए नहीं?
अफताब आलम ने बताया कि निदेशक के दौरे के बाद मेघाहातुबुरु गेस्ट हाउस में उनके सम्मान में मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसे कार्यक्रमों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि उसी कार्यक्रम में से आधा घंटा समय निकालकर श्रमिक संगठनों और कर्मचारियों से शिष्टाचार मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुन ली जातीं तो इससे प्रबंधन और श्रमिकों के बीच विश्वास और बेहतर होता।
अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर सवाल
उन्होंने किरीबुरू सेल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनके अनुसार अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों, लैब तकनीशियन, ब्लड बैंक और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है, जिससे कर्मचारियों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है।
“एम्बुलेंस होते हुए भी नहीं मिली सुविधा”
अफताब आलम ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से बीमार कर्मचारियों को अस्पताल ले जाने के लिए भी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई जाती। उन्होंने दावा किया कि 1 अगस्त को सेलकर्मी डी. के. सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ, जबकि उसी समय एम्बुलेंस मेडिकल स्टाफ को लेकर शहर में घूमती नजर आई।
उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों को आपात स्थिति में भी एम्बुलेंस नहीं मिल रही है तो इससे अस्पताल की व्यवस्था और कर्मचारियों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
प्रबंधन से संवाद की मांग
अफताब आलम ने मांग की कि सेल प्रबंधन श्रमिक संगठनों के साथ नियमित संवाद स्थापित करे, कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करे तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को तत्काल सुदृढ़ बनाए।











