मेघालय गेस्ट हाउस में त्रिपक्षीय बैठक, सीएसआर योजनाओं को जमीन पर उतारने के दिए कड़े निर्देश
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
सेल की मेघाहातुबुरू खदान प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से लंबित विकास कार्यों और स्थानीय लोगों की अनदेखी को लेकर बुधवार को मेघालय गेस्ट हाउस, मेघाहातुबुरू में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक में माननीय विधायक सह उप मुख्य सचेतक, झारखंड सरकार सोनाराम सिंकु ने सेल प्रबंधन के प्रति कड़ा रुख अपनाया। बैठक में बहादा गांव के विकास, स्थानीय युवाओं के रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और आधार नामांकन सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में सेल मेघाहातुबुरू एवं किरीबुरू के मुख्य महाप्रबंधक, बहादा गांव के ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

“फाइलों में नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए विकास”
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधायक सोनाराम सिंकु ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीएसआर योजनाओं का उद्देश्य केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि गांवों का वास्तविक विकास होना चाहिए। उन्होंने सेल प्रबंधन को निर्देश दिया कि बहादा गांव का शीघ्र दौरा कर विकास योजनाओं का आकलन करें और बिना देरी के कार्य शुरू करें।
उन्होंने कहा कि खदानों से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले गांवों को विकास का पहला अधिकार मिलना चाहिए। वर्षों से उपेक्षित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान अब और टाला नहीं जा सकता।
सेल प्रबंधन ने विधायक को आश्वस्त किया कि जल्द ही क्षेत्र का दौरा कर सभी आवश्यक कार्यों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

आधार कार्ड नहीं, तो बच्चों का भविष्य अधर में
बैठक के बाद किरीबुरू एवं मेघाहातुबुरू पंचायतों के प्रतिनिधियों ने विधायक से मुलाकात कर आधार पंजीकरण की गंभीर समस्या उठाई। प्रतिनिधियों ने बताया कि आधार कार्ड नहीं बनने के कारण बड़ी संख्या में बच्चों का विद्यालयों में नामांकन प्रभावित हो रहा है। वहीं हजारों ग्रामीण भी अब तक आधार कार्ड से वंचित हैं।
प्रतिनिधियों ने मांग की कि क्षेत्र में कम-से-कम दस दिनों का विशेष आधार नामांकन शिविर लगाया जाए ताकि बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
विधायक ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से समन्वय कर जल्द विशेष शिविर आयोजित कराने का भरोसा दिलाया।

मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में नियमित मेडिकल कैंप की मांग
बैठक में खदान प्रभावित क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था भी प्रमुख मुद्दा रही। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि मेघाहातुबुरू–किरीबुरू क्षेत्र मलेरिया प्रभावित जोन है, लेकिन नियमित स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है।
ग्रामीणों ने मांग रखी कि प्रभावित गांवों में नियमित मेडिकल कैंप लगाए जाएं तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को निःशुल्क मच्छरदानी उपलब्ध कराई जाए, ताकि मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
स्थानीय युवाओं के हक की बुलंद आवाज
आईटीआई और अप्रेंटिसशिप चयन प्रक्रिया को लेकर भी प्रतिनिधियों ने अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि आधार कार्ड को प्राथमिक दस्तावेज बनाए जाने से कई स्थानीय युवा चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं।
उन्होंने मांग की कि चयन प्रक्रिया में स्थानीय आवासीय (निवास) प्रमाण पत्र को प्राथमिक आधार बनाया जाए, ताकि वास्तविक स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण का अवसर मिल सके।
विधायक ने कहा कि स्थानीय युवाओं के अधिकारों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है और इस संबंध में आवश्यक पहल की जाएगी।
छात्रावास में पहले स्थानीय विद्यार्थियों को मिले अवसर
बैठक में सुवन छात्रावास में प्रवेश प्रक्रिया का मुद्दा भी उठा। पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की कि छात्रावास में प्रवेश के दौरान स्थानीय आवासीय प्रमाण पत्र को प्राथमिक आधार बनाया जाए, जिससे क्षेत्र के जरूरतमंद विद्यार्थियों को पहले अवसर मिल सके।
प्रतिनिधियों ने कहा कि खदान प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलना उनका अधिकार है।
गेट पास के नाम पर मजदूरों को परेशान करना बंद हो
सप्लाई मजदूरों ने गेट पास जारी करने में हो रही परेशानियों का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उनका कहना था कि स्थानीय पते के नाम पर अनावश्यक आपत्तियां लगाकर मजदूरों को बार-बार परेशान किया जाता है।
उन्होंने बताया कि खदान क्षेत्र जगन्नाथपुर और चक्रधरपुर दोनों अनुमंडलों में आता है। ऐसे में दोनों अनुमंडलों के निवासियों के पते को समान रूप से मान्यता दी जाए तथा पता बदलने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

स्थानीयों को मिले रोजगार में पहली प्राथमिकता
बैठक में यह मांग भी प्रमुखता से उठी कि सप्लाई कार्यों में मजदूरों की बहाली के दौरान सबसे पहले स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए।
प्रतिनिधियों ने कहा कि जिन गांवों की जमीन और संसाधनों पर खदानें संचालित हो रही हैं, वहां के युवाओं को रोजगार से वंचित रखना अन्याय है। उन्होंने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को जोरदार तरीके से रखा।
विधायक ने दिया भरोसा, हर मुद्दे पर होगी कार्रवाई
विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि बहादा गांव सहित पूरे खदान प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याएं उनकी प्राथमिकता हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीएसआर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आधार नामांकन, स्थानीय युवाओं को रोजगार तथा मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों और सेल प्रबंधन के साथ लगातार समन्वय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब उसका लाभ सबसे पहले प्रभावित गांवों के लोगों तक पहुंचे।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में बहादा मुण्डा रोया सिद्धु, कामेश्वर माझी, बालिबा के मुण्डा विनोद होनहागा, किरीबुरू पश्चिम की मुखिया पार्वती किडो, मेघाहातुबुरू उत्तरी की मुखिया लिपि मुण्डा, उपमुखिया सुमन मुण्डु, शांतिएल भेंगरा, सीताराम मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्थानीय अधिकारों की लड़ाई को मिली नई धार
यह बैठक केवल विकास योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि खदान प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के अधिकार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का मंच बनी। अब क्षेत्र की जनता की नजरें सेल प्रबंधन और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि बैठक में किए गए वादे कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं।













