बिजली संकट से पेयजल, पढ़ाई, मोबाइल नेटवर्क और ऑनलाइन लेन-देन प्रभावित, ग्रामीणों ने दी सड़क जाम आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
सारंडा के गंगदा, छोटानागरा, चिड़िया समेत विभिन्न पंचायतों के करीब 40 गांव पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण घोर संकट से जूझ रहे हैं। जंगल क्षेत्र के हजारों ग्रामीण अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। लगातार बिजली गुल रहने से दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और लोगों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी व्याप्त है।

बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। रात में रोशनी नहीं होने के कारण छात्र-छात्राएं परीक्षा की तैयारी और नियमित अध्ययन नहीं कर पा रहे हैं। अभिभावकों की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है।
पेयजल संकट से बढ़ी परेशानी
बिजली चालित मोटर बंद रहने के कारण कई गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ठप हो गई है। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
मोबाइल और ऑनलाइन सेवा ठप
लगातार बिजली नहीं रहने से मोबाइल फोन, इनवर्टर और बैटरियां पूरी तरह डिस्चार्ज हो चुकी हैं। मोबाइल चार्ज नहीं होने के कारण ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग और अन्य डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। कई लोगों ने चारपहिया वाहनों की बैटरी से मोबाइल चार्ज किया, जिससे वाहनों की बैटरी भी जवाब देने लगी है।
जंगल में अंधेरा, जंगली जानवरों का खतरा
बरसात के मौसम में बिजली गुल रहने से रात के समय हाथी, सांप, बिच्छू समेत अन्य जंगली जानवरों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। अंधेरे के कारण ग्रामीणों में हर समय भय का माहौल बना हुआ है।
टीवी बंद, दुनिया से कटे ग्रामीण
बिजली नहीं रहने से ग्रामीण टेलीविजन के माध्यम से देश-दुनिया की खबरें और मौसम की जानकारी भी नहीं देख पा रहे हैं। मनोरंजन के साधन भी पूरी तरह ठप हो गए हैं।
मुखिया ने दी आंदोलन की चेतावनी
गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने कहा कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो दर्जनों गांवों के मुंडा, मानकी और ग्रामीणों की बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर सभी ग्रामीण सड़क पर उतरकर चक्का जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।

ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से अविलंब खराबी दूर कर सभी प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार तीन दिनों से बिजली नहीं रहने के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।












