सेल चिड़िया अस्पताल की पहल, ग्रामीणों को मौके पर दवा और नियमित इलाज की दी गई सलाह
रिपोर्ट शैलेश सिंह
खदान प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सेल, चिड़िया खदान अस्पताल प्रबंधन की ओर से दुबिल गांव में एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच कराई। चिकित्सकों की टीम ने कुल 148 मरीजों की जांच कर उनका उपचार किया तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया।

जांच में सामने आए मलेरिया और एनीमिया के कई मामले
स्वास्थ्य जांच के दौरान 20 मरीज मलेरिया संक्रमित पाए गए, जबकि 11 मरीजों में रक्त की कमी (एनीमिया) की पुष्टि हुई। इसके अलावा 21 मरीज दांत संबंधी बीमारियों से पीड़ित मिले। कई महिला एवं पुरुष मरीज बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, पेट संबंधी समस्याओं तथा अन्य सामान्य बीमारियों से भी ग्रसित पाए गए।
चिकित्सकों ने सभी मरीजों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं और उन्हें बीमारी के अनुसार उचित परामर्श दिया।
गंभीर मरीजों को अस्पताल में नियमित इलाज की सलाह
डॉक्टरों ने जिन मरीजों को आगे इलाज की आवश्यकता थी, उन्हें सेल के चिड़िया अस्पताल पहुंचकर नियमित जांच एवं उपचार कराने का निर्देश दिया। चिकित्सकों ने विशेष रूप से मलेरिया और एनीमिया से पीड़ित मरीजों को समय पर दवा लेने, पौष्टिक आहार अपनाने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया ग्रामीणों को
चिकित्सा शिविर के दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता, साफ पेयजल के उपयोग, मच्छरों से बचाव, संतुलित आहार और समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के प्रति भी जागरूक किया गया। चिकित्सकों ने कहा कि बरसात के मौसम में मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सावधानी और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रही मौजूद
इस चिकित्सा शिविर में डॉ. राजकुमार, डॉ. नीतू कुमारी, डॉ. सक्षम कुमार, लैब तकनीशियन थॉमस लागुरी, एएनएम पोलिना पूर्ति, मीरा दास, कुमलेन, संध्या, जग्गू, बलराम बारीक, मोहन लाल चौबे सहित अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
दुबिल गांव के ग्रामीणों ने सेल चिड़िया अस्पताल प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खदान प्रभावित गांवों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से लोगों को समय पर इलाज और जांच की सुविधा मिल रही है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे चिकित्सा शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की, ताकि दूर-दराज के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता रहे।














