जनप्रतिनिधियों ने उठाए स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दे, करमपदा में ग्रामसभा के जरिए समाधान की पहल
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू। सेल, किरीबुरू के बीमार कर्मचारी दुर्गा हेंब्रम उर्फ डी.के. सिंह को समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिलने और सारंडा के करमपदा सहित आसपास के गांवों के स्कूली बच्चों को सेल द्वारा संचालित बसों में पर्याप्त जगह नहीं मिलने के मुद्दे पर शनिवार को जनप्रतिनिधियों ने सेल प्रबंधन से मुलाकात कर दोनों मामलों में तत्काल समाधान की मांग की।
इस संबंध में किरीबुरू पश्चिम पंचायत की मुखिया पार्वती कीड़ो, उपमुखिया सुमन मुंडू, मेघाहातुबुरु उत्तरी पंचायत की मुखिया लिपि मुंडा, मजदूर नेता वीर सिंह मुंडा तथा पी.सी. माझी ने सेल, किरीबुरू के सीजीएम पी.एम. शिरपुरकर से मुलाकात कर ग्रामीणों और कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तार से रखा।

एंबुलेंस नहीं मिलने का मामला उठाया
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने बताया कि बीमार सेलकर्मी दुर्गा हेंब्रम उर्फ डी.के. सिंह के परिजनों द्वारा फोन करने के बावजूद सेल अस्पताल प्रबंधन ने समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई, जिससे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
सीजीएम ने दिए तत्काल निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीजीएम पी.एम. शिरपुरकर ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीज को हर हाल में एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को इस संबंध में तत्काल आवश्यक निर्देश दिए।
बताया जाता है कि बाद में अस्पताल प्रबंधन ने दुर्गा हेंब्रम को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस से बेहतर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल, भुवनेश्वर रेफर कर दिया।
स्कूल बस में बच्चों के लिए नहीं मिल रही जगह
बैठक में सारंडा के करमपदा सहित आसपास के गांवों के स्कूली बच्चों की परिवहन समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि सेल द्वारा उपलब्ध कराई गई दो बसों में सभी बच्चों को जगह नहीं मिल पा रही है, जिससे कई विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
175 बच्चों के लिए दो बसें नाकाफी
मेघाहातुबुरु उत्तरी पंचायत की मुखिया लिपि मुंडा ने बताया कि विभिन्न गांवों से करीब 175 बच्चे प्रतिदिन किरीबुरू पढ़ने आते हैं। ऐसे में केवल दो बसों से सभी बच्चों का सुरक्षित आवागमन संभव नहीं है।
उन्होंने मांग की कि विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए बसों की व्यवस्था बढ़ाई जाए।
सीजीएम बोले—इससे अधिक बस देना संभव नहीं
इस पर सीजीएम पी.एम. शिरपुरकर ने कहा कि सेल ने क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नौ निजी शिक्षकों की नियुक्ति की है। इसके अलावा ग्रामीण बच्चों के लिए दो बसों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इससे अधिक बस उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
कक्षा आठ तक स्थानीय स्कूल में पढ़ाई का सुझाव
सीजीएम ने सुझाव दिया कि करमपदा विद्यालय में कक्षा आठ तक की पढ़ाई होती है, इसलिए ग्रामसभा के माध्यम से कक्षा आठ तक के बच्चों को वहीं पढ़ाने की व्यवस्था की जाए। इससे बसों पर दबाव कम होगा और उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को किरीबुरू आने में सुविधा मिलेगी।
मुखिया ने उठाया गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मुद्दा
इस सुझाव पर मुखिया लिपि मुंडा ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से किरीबुरू के स्कूलों में भेजते हैं। यदि स्थानीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होती, तो बच्चों को दूर भेजने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
3 अगस्त को होगी ग्रामसभा की अहम बैठक
स्कूली बच्चों की परिवहन समस्या के समाधान के लिए 3 अगस्त को करमपदा में ग्रामसभा की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, बस संचालकों तथा सेल प्रबंधन के सीएसआर विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में सभी पहलुओं पर चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों पर समाधान की उम्मीद
जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि सीजीएम के हस्तक्षेप के बाद एंबुलेंस सेवा में सुधार होगा और स्कूली बच्चों की बस संबंधी समस्या का भी स्थायी समाधान निकलेगा। अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली ग्रामसभा और उसके निर्णयों पर टिकी हैं।











