9 अगस्त के भव्य आयोजन के लिए बनी आयोजन समिति, ग्रामीणों ने संभाली जिम्मेदारी
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सारंडा। मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत सारंडा के जामकुंडिया साप्ताहिक हाट बाजार परिसर में आगामी 9 अगस्त को पहली बार अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस का भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रविवार को सारंडा के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों, बुद्धिजीवियों, मुंडा-मानकी एवं जनप्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समारोह को ऐतिहासिक और भव्य बनाने का संकल्प लिया गया।

सर्वसम्मति से बनी आयोजन समिति
बैठक में कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सर्वसम्मति से एक आयोजन समिति का गठन किया गया। समिति के अध्यक्ष के रूप में सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ा देवगम तथा सचिव के रूप में भुवनेश्वर जारीका का चयन किया गया।
इन पदाधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी
समिति के उपाध्यक्ष के रूप में कानू राम देवगम, बामिया माझी, मोटाए सिद्धू और जुरिया चकिया को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं सहायक सचिव के रूप में मान सिंह चांपिया, कोषाध्यक्ष के रूप में उपमुखिया रमेश हांसदा एवं साधो देवगम का चयन किया गया।
सलाहकार समिति में मुंडा-मानकी शामिल
समारोह को सफल बनाने के लिए गठित सलाहकार समिति में मुंडा विनोद बारीक, मुंडा जामदेव चांपिया, राजेश सांडिल सहित विभिन्न गांवों के सभी मुंडा-मानकी को शामिल किया गया, ताकि प्रत्येक गांव की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
महिलाओं और युवाओं को भी मिली जिम्मेदारी
कार्यकारिणी समिति में जानो देवगम, जोबना देवगम, श्रीमती तिरिया, ऊषा सांडिल, नंदिनी देवगम, सोनाली अंगारिया सहित कई महिलाओं और युवाओं को शामिल किया गया। बैठक में कहा गया कि कार्यक्रम की सफलता में सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन
बैठक में निर्णय लिया गया कि अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के अवसर पर पारंपरिक आदिवासी संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों और ग्रामीणों के लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
आज से शुरू हुई तैयारी
बैठक के तुरंत बाद आयोजन स्थल की साफ-सफाई और अन्य तैयारियां शुरू कर दी गईं। आयोजन समिति के सदस्य और ग्रामीण स्वयं श्रमदान कर कार्यक्रम स्थल को आकर्षक बनाने में जुट गए हैं।

ग्रामीणों में दिख रहा उत्साह
सारंडा के ग्रामीण इस आयोजन को लेकर खासे उत्साहित हैं। ग्रामीण अपनी क्षमता और संसाधनों के अनुसार आर्थिक सहयोग, श्रमदान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में योगदान देना शुरू कर चुके हैं। उनका कहना है कि पहली बार आयोजित होने वाला यह समारोह सारंडा की आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा।
ऐतिहासिक आयोजन बनाने की तैयारी
आयोजन समिति ने सभी ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। समिति का लक्ष्य है कि 9 अगस्त का यह आयोजन केवल एक समारोह न होकर आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, पहचान और एकजुटता का ऐतिहासिक उत्सव बने।














