अंतिम संस्कार से लौटते समय हादसा, मुंडा के माता-पिता समेत तीन ग्रामीण तेज धार में बहे
सारंडा में लगातार बारिश से उफनाई पहाड़ी नदी, अंधेरा छाने तक नहीं मिला कोई सुराग
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
छोटानागरा/बहदा। सारंडा के छोटानागरा थाना अंतर्गत बहदा गांव में रविवार, 30 अगस्त की देर शाम करीब 6 बजे एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। गांव के पास से बहने वाली प्राकृतिक पहाड़ी नदी कुइली की तेज धार में एक साथ तीन ग्रामीण बह गए। हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण अंधेरा और तेज बहाव के बावजूद नदी के आसपास लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

एक साथ नदी पार कर रहे थे तीनों
बहदा गांव के सामाजिक कार्यकर्ता कामेश्वर माझी ने बताया कि गांव में एक ग्रामीण की मृत्यु के बाद सभी लोग अंतिम संस्कार कर वापस गांव लौटे थे। इसी दौरान बहदा गांव के मुंडा रोया सिद्धू के पिता बोसेन सिद्धू, उनकी मां तथा बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू अपने घर जाने के लिए कुइली नदी पार कर रहे थे।
पहाड़ों से उतरे पानी ने बढ़ाई नदी की रफ्तार
बताया गया कि सारंडा के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण अचानक पहाड़ों से भारी मात्रा में पानी नदी में उतर आया। देखते ही देखते कुइली नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। इसी दौरान नदी पार कर रहे तीनों ग्रामीण तेज धार की चपेट में आकर बह गए।
चीख-पुकार के बीच नदी में समा गए तीनों
हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि देखते ही देखते तीनों नदी की धार में ओझल हो गए। काफी तलाश के बावजूद देर शाम तक तीनों का कोई पता नहीं चल पाया।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
एक साथ तीन ग्रामीणों के लापता होने की खबर से बहदा गांव में मातम पसरा हुआ है। कुछ समय पहले तक अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौटे ग्रामीणों को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही पल गांव पर एक और दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा। ग्रामीण नदी के किनारे टॉर्च और अन्य साधनों के सहारे लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
पुलिस और प्रशासन को दी गई सूचना
घटना की सूचना छोटानागरा थाना पुलिस तथा मनोहरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को दे दी गई है। प्रशासनिक स्तर पर बचाव एवं तलाश अभियान की तैयारी की जा रही है। बताया गया है कि बीडीओ एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचेंगे।
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
सारंडा के विभिन्न इलाकों में अब भी लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में कुइली नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। बढ़ता जलस्तर और तेज धारा राहत एवं बचाव कार्य के सामने बड़ी चुनौती बन सकती है।
सुबह शुरू होगी बड़े स्तर पर तलाश
ग्रामीणों को उम्मीद है कि सुबह रोशनी होने के बाद प्रशासन और ग्रामीणों की संयुक्त टीम नदी के आसपास और संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में व्यापक तलाश अभियान चलाएगी। फिलहाल पूरा बहदा गांव अपने तीन ग्रामीणों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में रात काट रहा है।












