मुंडा के पिता बोसेन सिद्धू और सुनीता सिद्धू की तलाश जारी, जिंदा मिलने की उम्मीद धुंधली
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
छोटानागरा/बहदा। सारंडा के छोटानागरा थाना अंतर्गत बहदा गांव में रविवार की देर शाम कुइली पहाड़ी नदी में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। तेज जलधारा में बहे तीन ग्रामीणों में से बहदा गांव के मुंडा रोया सिद्धू की मां का शव घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर नदी में झाड़ियों में फंसा हुआ बरामद कर लिया गया है। शव बरामद होते ही गांव में मातम और गहरा गया।

500 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला शव
ग्रामीणों द्वारा लगातार चलाए जा रहे खोज अभियान के दौरान नदी की तेज धारा में बहकर करीब 500 मीटर दूर पहुंची झाड़ियों में महिला का शव फंसा मिला। ग्रामीणों ने शव को बरामद किया। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
दो ग्रामीण अभी भी लापता
हादसे में बहे मुंडा रोया सिद्धू के पिता बोसेन सिद्धू तथा बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। ग्रामीण उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। नदी के तेज बहाव, अंधेरा और लगातार हो रही बारिश के कारण खोज अभियान में काफी मुश्किलें सामने आ रही हैं।
जिंदा बचने की उम्मीद होती जा रही धुंधली
घटना को काफी समय बीत जाने और नदी की तेज धारा में बह जाने के बाद दोनों लापता ग्रामीणों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद अब बेहद धुंधली नजर आ रही है। हालांकि ग्रामीण अभी भी पूरी कोशिश के साथ दोनों की तलाश में जुटे हैं और किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए हुए हैं।
बारिश और उफनती नदी बनी बड़ी चुनौती
सारंडा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कुइली नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। पहाड़ों से लगातार पानी उतरने के कारण नदी की धार बेहद तेज है। ऐसे हालात में नदी के भीतर और किनारे खोज अभियान चलाना बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है।
एक हादसे ने पूरे गांव को दिया गहरा जख्म
बताया गया कि तीनों ग्रामीण अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद नदी पार कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र से अचानक पानी आने के कारण कुइली नदी का बहाव तेज हो गया और तीनों उसकी चपेट में आकर बह गए। अब एक महिला का शव मिलने के बाद बहदा गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि ग्रामीणों की नजरें नदी की ओर टिकी हैं और हर कोई बाकी दोनों लापता ग्रामीणों के मिलने की खबर का इंतजार कर रहा है।












