देर रात तक चला घंटों सर्च ऑपरेशन, तेज बहाव और अंधेरे के बीच पुलिस-ग्रामीणों ने खंगाला नदी क्षेत्र
सुनीता सिद्धू का अब तक नहीं मिला सुराग, रातभर तलाश के बाद भी खाली हाथ लौटी टीम
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
छोटानागरा/बहदा। सारंडा के छोटानागरा थाना अंतर्गत बहदा गांव में रविवार की देर शाम कुइली पहाड़ी नदी में हुए दर्दनाक हादसे में लापता तीन ग्रामीणों में से बहदा गांव के मुंडा रोया सिद्धू के पिता बोसेन सिद्धू और उनकी मां के शव देर रात तक नदी से बरामद कर लिए गए। एक ही परिवार के दोनों सदस्यों की मौत की खबर से पूरे बहदा गांव में मातम पसरा हुआ है।

500 मीटर दूर झाड़ियों में मिला मां का शव
हादसे के बाद ग्रामीणों ने जब नदी में तलाश शुरू की तो मुंडा की मां का शव घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर नदी की झाड़ियों में फंसा हुआ बरामद हुआ। इसके बाद लगातार तलाश जारी रखते हुए मुंडा के पिता बोसेन सिद्धू का शव भी बरामद कर लिया गया।

तीसरी महिला अब भी लापता
इस हादसे में बामिया सिद्धू की पत्नी सुनीता सिद्धू भी तेज धारा में बह गई थीं। उनका देर रात तक कोई पता नहीं चल सका। उनके शव की तलाश में ग्रामीणों के साथ छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घंटों तक नदी के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया।
अंधेरे और तेज बहाव के बीच घंटों चला अभियान
रात में अंधेरा बढ़ने और कुइली नदी की तेज धार के बावजूद पुलिस और ग्रामीणों ने तलाश अभियान बंद नहीं किया। नदी के किनारे, झाड़ियों और संभावित बहाव वाले स्थानों को लगातार खंगाला गया, लेकिन सुनीता सिद्धू का कोई सुराग नहीं मिल सका।
सुबह फिर तेज होगी तलाश
सुनीता सिद्धू की तलाश अभी भी जारी है। ग्रामीणों और पुलिस टीम की कोशिश है कि नदी की धारा के साथ बहाव वाले संभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाकर उनका पता लगाया जा सके। लगातार बारिश और पहाड़ी नदी के बढ़े हुए जलस्तर के कारण राहत एवं तलाश अभियान में काफी कठिनाइयां सामने आ रही हैं।

एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अंतिम संस्कार से लौटते समय हुए इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुछ ही घंटों के भीतर मुंडा रोया सिद्धू ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया, जबकि तीसरी महिला सुनीता सिद्धू के परिजन अब भी उनके सकुशल मिलने या कम से कम उनके शव के बरामद होने की आस लगाए बैठे हैं। बहदा गांव में हर किसी की नजर अब कुइली नदी और उसके आसपास चल रही तलाश पर टिकी हुई है।












