रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू। मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत 31 अगस्त को एक बार फिर किरीबुरू पश्चिम पंचायत कार्यालय प्रांगण में नोटिस एवं सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बीडीओ पप्पू रजक और किरीबुरू पश्चिम पंचायत की मुखिया पार्वती कीड़ो ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इसके साथ ही नोटिस प्राप्त मतदाताओं के दावों, दस्तावेजों एवं पात्रता के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई।

कार्यक्रम में मेघाहातुबुरु उत्तरी पंचायत की मुखिया लिपि मुंडा, मेघाहातुबुरु दक्षिण पंचायत की मुखिया प्रफ्फुलित ग्लोरिया टोपनो, उप मुखिया सुमन मुंडू, सोनू सिरका समेत पंचायत के बीएलओ, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
नोटिस लेकर पहुंच रहे मतदाता
SIR के तहत नोटिस प्राप्त मतदाताओं की भारी संख्या में मौजूदगी देखने को मिली। लोग अपने नोटिस से संबंधित जरूरी दस्तावेज लेकर पंचायत कार्यालय पहुंच रहे हैं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कागजात जमा कर रहे हैं। बीएलओ एवं संबंधित कर्मियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करते हुए मतदाताओं से आवश्यक जानकारी ली जा रही है।

‘नो-मैपिंग’ वाले मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची की मैपिंग प्रक्रिया में ‘नो-मैपिंग’ श्रेणी में पाए गए मतदाताओं अथवा मतदाता सूची में दर्ज विवरण में विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने और निर्धारित मान्य दस्तावेजों के माध्यम से अपनी पात्रता प्रमाणित करने का अवसर दिया जा रहा है।

दस्तावेजों की जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई
सुनवाई के दौरान मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत दावों एवं दस्तावेजों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम एवं विवरण को नियमानुसार मतदाता सूची में सुरक्षित एवं अद्यतन रखने की कार्रवाई की जाएगी।

तीनों पंचायतों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाया भरोसा
कार्यक्रम में मेघाहातुबुरु उत्तरी, मेघाहातुबुरु दक्षिण और किरीबुरू पश्चिम पंचायत के प्रतिनिधियों एवं बीएलओ की मौजूदगी ने प्रक्रिया को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ाया। प्रशासन की ओर से भी मतदाताओं से अपील की जा रही है कि नोटिस प्राप्त सभी लोग निर्धारित समय पर उपस्थित होकर जरूरी दस्तावेज जमा करें, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से प्रभावित न हो।
विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी, त्रुटिरहित और विश्वसनीय बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।














