भ्रष्टाचार नक्सल खदान
अपराध राजनीति खेल समस्या स्वास्थ्य कार्यक्रम शिक्षा दुर्घटना सांस्कृतिक मनोरंजन मौसम कृषि ज्योतिष काम

अभियंता विकास की रीढ़, तकनीकी गुणवत्ता से समझौता नहीं : उपायुक्त मनीष कुमार

On: September 16, 2026 1:27 PM
Follow Us:
अभियंता विकास की रीढ़, तकनीकी गुणवत्ता से समझौता नहीं : उपायुक्त मनीष कुमार
---Advertisement---

 

59वें अभियंता दिवस पर समाहरणालय में कार्यक्रम, डॉ. एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि देकर किया गया स्मरण

रिपोर्ट : शैलेश सिंह

चाईबासा। 59वें अभियंता दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला समाहरणालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त श्री मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, सहायक समाहर्ता सुश्री ईरा जोरवार, अपर उपायुक्त श्री क्रिस्टो कुमार बेसरा, प्रशिक्षु आईपीएस सहित जिले के विभिन्न विभागों के अभियंता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत महान अभियंता एवं भारत रत्न डॉ. एम. विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्पगुच्छ अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं ने देश के निर्माण, तकनीकी विकास और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में डॉ. विश्वेश्वरैया के अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।

इसके बाद विभिन्न विभागों के अभियंताओं ने अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने जिले में विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों को धरातल पर उतारने के दौरान आने वाली तकनीकी एवं व्यावहारिक चुनौतियों तथा उनके समाधान को लेकर अपने विचार रखे।

विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में अभियंताओं की अहम भूमिका

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं भी अभियंता के रूप में विभिन्न संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभियंता केवल योजनाओं अथवा निर्माण कार्यों की रूपरेखा तैयार करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनकी तकनीकी दक्षता, परिकल्पना और कार्यकुशलता के माध्यम से विकास योजनाएं धरातल पर वास्तविक स्वरूप लेती हैं और उनका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता तक पहुंचता है।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में संचालित प्रत्येक विकास परियोजना में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसी भी परियोजना का कार्य प्रारंभ करने से पहले स्थल की स्थिति, तकनीकी पहलुओं और निर्धारित मापदंडों की समुचित जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।

उन्होंने अभियंताओं से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी लगन, निष्ठा और ईमानदारी के साथ करने का आह्वान किया। कहा कि सरकारी योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं का मूल उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जब प्रत्येक अधिकारी और अभियंता अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी एवं जवाबदेही के साथ निभाएगा, तभी एक बेहतर और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे।

तकनीक के साथ जमीनी जरूरतों को समझने की जरूरत

उपायुक्त ने अभियंताओं से कहा कि तकनीकी कार्यों के साथ-साथ कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों और आम लोगों की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाए। बदलते समय के अनुरूप नई तकनीकों एवं नवाचार को अपनाकर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी, टिकाऊ और जनोपयोगी बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने अभियंताओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहने की अपील की।

भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण, फिर भी बेहतर कार्य जरूरी : डीडीसी

उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि किसी भी निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी स्वरूप देने में अभियंताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। किसी भी मजबूत संरचना के पीछे अभियंताओं की तकनीकी समझ, बेहतर योजना, मेहनत और दूरदृष्टि होती है।

उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम जिले की भौगोलिक एवं स्थानीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां विकास कार्यों को धरातल पर उतारना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसी परिस्थितियों में अभियंताओं द्वारा तकनीकी समझ, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाना सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि कागज पर तैयार की गई परिकल्पना को वास्तविक धरातल पर आकार देना अभियंताओं का महत्वपूर्ण दायित्व है। विकास योजनाओं की सफलता काफी हद तक उनके तकनीकी मार्गदर्शन और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है।

डीडीसी ने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों में अभियंताओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जिले को अभियंताओं से काफी अपेक्षाएं हैं। इन अपेक्षाओं पर खरा उतरना उनकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ निर्माण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी होता है। इसलिए तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जाना चाहिए।

अभियंता विकास की रीढ़, तकनीकी गुणवत्ता से समझौता नहीं : उपायुक्त मनीष कुमार

नई तकनीक और नवाचार अपनाने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अभियंताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव, नई तकनीकों के उपयोग, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने से संबंधित अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंत में सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही जिले के विकास में तकनीकी दक्षता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और नवाचार के माध्यम से निरंतर योगदान देने का आह्वान किया गया।

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment