62.29% वोट के साथ बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ की ऐतिहासिक जीत, 3291 कर्मचारियों ने किया मतदान
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक चली चुनाव की कानूनी जंग के बाद कर्मचारियों ने मतपत्र से चुना अपना प्रतिनिधि
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
11 मार्च 1918 को स्थापित बर्नपुर स्थित इस्को स्टील प्लांट में 108 वर्षों बाद पहली बार मान्यता प्राप्त यूनियन के लिए चुनाव हुआ, जिसमें बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। कुल 3514 मतदाताओं में से 3291 कर्मचारियों ने मतदान किया। इनमें BMS को 2189 वोट यानी 62.29 प्रतिशत मत मिले।

लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था को मिली चुनौती
इस्को स्टील प्लांट की स्थापना के बाद लंबे समय तक मान्यता प्राप्त यूनियन के संबंध में प्रत्यक्ष चुनाव नहीं हुआ। इस दौरान इंटक को औपचारिक रूप से निर्वाचित मान्यता प्राप्त यूनियन नहीं होने के बावजूद मान्यता प्राप्त यूनियन जैसी सुविधाएं और अधिकार मिलने की बात सामने आती रही।
इस व्यवस्था को चुनौती देते हुए बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ ने 7 मई 2024 को लिखित शिकायत/अभियोग प्रस्तुत किया। शिकायत खारिज होने के बाद संघ ने 12 नवंबर 2024 को कोलकाता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

25 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने दिया चुनाव का आदेश
मामले में बाद में सीटू, एचएमएस और एटक सहित अन्य यूनियनें भी न्यायिक प्रक्रिया में शामिल हुईं। दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई के बाद 25 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने चुनाव कराने का आदेश दिया।
इसके बाद चुनाव रोकने को लेकर 24 सितंबर 2025 को सीटू, एचएमएस और एटक की ओर से पुनः हाईकोर्ट का रुख किया गया, लेकिन चुनाव पर रोक नहीं लगी। इसके बाद एचएमएस और एटक ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहां भी चुनाव पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं हुई और चुनाव का रास्ता साफ हो गया।
BMS को 2189, इंटक को 781 वोट
चुनाव में विभिन्न यूनियनों को मिले मत इस प्रकार रहे—
- बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (BMS) — 2189
- इंटक — 781
- सीटू — 218
- एटक — 33
- एचएमएस — 31
- एआईयूटीयूसी — 17
- आईएमयू — 17
- अमान्य मत — 8
कुल 3291 कर्मचारियों ने मतदान किया।

संजीत बनर्जी ने बताया मजदूरों की जीत
बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ के महामंत्री श्री संजीत बनर्जी ने चुनाव परिणाम को मजदूरों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि उन कर्मचारियों की है जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर अपना प्रतिनिधि चुना है।

ट्रेड यूनियन इतिहास में नया अध्याय
108 वर्षों बाद हुए इस चुनाव को बर्नपुर इस्को स्टील प्लांट के ट्रेड यूनियन इतिहास में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। लंबे न्यायिक संघर्ष के बाद कर्मचारियों ने पहली बार प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से मान्यता प्राप्त यूनियन का चयन किया।
62.29 प्रतिशत मत के साथ BMS की जीत के बाद अब कर्मचारियों की निगाहें नई मान्यता प्राप्त यूनियन की कार्यशैली और मजदूर हितों से जुड़े मुद्दों पर रहेंगी।

















