भ्रष्टाचार नक्सल खदान अपराध राजनीति खेल समस्या स्वास्थ्य कार्यक्रम शिक्षा दुर्घटना सांस्कृतिक मनोरंजन मौसम कृषि ज्योतिष काम
---Advertisement---

सारंडा विकास समिति का गुवा सेल प्रबंधन को 10 दिन का अल्टीमेटम, मांगें पूरी नहीं हुईं तो हॉपर अनिश्चितकालीन जाम करने की चेतावनी

---Advertisement---

जंगल-जमीन-पहाड़ हमारा, फिर रोजगार पर अधिकार दूसरे का क्यों?

रिपोर्ट : शैलेश सिंह

गुवा। सारंडा में खदान, जंगल और जमीन से जुड़े सवालों को लेकर एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया ने सेल की गुवा लौह अयस्क खदान प्रबंधन के समक्ष स्थानीय रोजगार, खदान प्रभावित गांवों के विकास, मजदूरों की सुविधाओं और पर्यावरणीय क्षति से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाते हुए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। समिति के अध्यक्ष एवं गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने कहा है कि निर्धारित अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गुवा खदान के हॉपर को अनिश्चितकाल के लिए जाम किया जाएगा।

2022 के लिखित समझौते का मुद्दा फिर गरमाया

राजू सांडिल ने जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को दिए आवेदन में कहा है कि गुवा खदान से निकलने वाली मिट्टी-मुरूम, कंकड़-पत्थर और लाल पानी से आसपास की जमीन प्रभावित हो रही है। समिति के अनुसार, इसी तरह के मुद्दों को लेकर वर्ष 2022 में गुवा सेल खदान के हॉपर को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया था और उस समय आंदोलनकारियों तथा कंपनी के बीच लिखित समझौता हुआ था।

समिति का आरोप है कि समझौते में दर्ज कई बिंदु अब तक पूरी तरह लागू नहीं हुए हैं। स्थानीय रोजगार और पुराने समझौते को लागू कराने को लेकर अगस्त 2026 में भी रांजाबुरु खदान में 22 दिनों तक आंदोलन चला था, जिसे प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल स्थगित किया गया था।

40 रोजगार का वादा, 20 को ही काम का आरोप

समिति के अनुसार, 40 लोगों को गुवा खदान में स्थायी अथवा अस्थायी रोजगार देने की बात कही गई थी। आरोप है कि इनमें से 20 लोगों को ही डेली बेसिस पर रोजगार मिला, जबकि शेष 20 लोगों को अब तक रोजगार नहीं दिया गया।

राजू सांडिल ने सवाल उठाया कि जब खदान के कारण आसपास के ग्रामीणों की जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधन प्रभावित हो रहे हैं, तो रोजगार के अवसरों में स्थानीय प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता क्यों नहीं मिलनी चाहिए?

दुईया में अंग्रेजी माध्यम स्कूल की मांग

समिति ने गंगदा पंचायत के दुईया गांव में नर्सरी से प्लस-टू तक अंग्रेजी माध्यम विद्यालय स्थापित करने की मांग की है। साथ ही दुईया में खेल मैदान, स्टेडियम और ड्रेसिंग रूम बनाने की मांग भी रखी गई है।

समिति का कहना है कि खदान प्रभावित गांवों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और खेल की सुविधाएं उपलब्ध कराना कंपनी के सामाजिक दायित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

नौ गांवों के स्कूलों में शिक्षक और बच्चों के लिए बस की मांग

CSR के तहत आने वाले नौ गांवों के विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों तथा ग्रामीणों को बाजार आने-जाने के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।

20 मजदूरों को लेकर भी प्रबंधन पर सवाल

समिति ने CSR गांवों के 20 मजदूरों से संबंधित कई मांगें रखी हैं। इनमें डेली बेसिस पर काम कर रहे मजदूरों को स्थायी रोजगार, ड्यूटी आने-जाने के लिए वाहन, मेडिकल कार्ड, आवास सुविधा, अर्जित अवकाश (EL) और अन्य मजदूरों के समान सुविधाएं देने की मांग शामिल है।

समिति के अनुसार इन मजदूरों को पिछले करीब चार वर्षों से अनस्किल्ड श्रेणी में रखा गया है। अब उन्हें उनकी कार्यप्रकृति के अनुरूप सेमी-स्किल्ड श्रेणी में रखने की मांग की गई है।

जंगल में पेड़ गिनने तक सीमित कर दिए मजदूर!

राजू सांडिल का आरोप है कि CSR गांवों के इन 20 मजदूरों को मुख्य रूप से गुवा माइंस के जंगल क्षेत्र में पेड़ नंबरिंग, पेड़ छिलाई और पेड़ नापाई जैसे कार्यों में लगाया गया है। समिति ने सवाल उठाया कि वर्षों से काम करने के बावजूद मजदूरों की श्रेणी और सुविधाओं में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं किया गया।

इन मजदूरों के लिए डस्ट अलाउंस, AWA सुविधा और व्यक्तिगत रूप से 20 क्वार्टर रूम उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

रानी चुआं का चेकडैम बना बड़ा सवाल

समिति ने सारंडा जंगल के रानी चुआं क्षेत्र में बनाए गए चेकडैम की गुणवत्ता और उसके टूटने की जांच की मांग की है। राजू सांडिल का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया चेकडैम पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया।

समिति का दावा है कि इसके कारण खदान की मिट्टी, लौह चूर्ण और पत्थर जंगल, नदी-नालों तथा रैयतों के खेतों तक पहुंचकर पर्यावरण एवं कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। समिति ने पूरे मामले की जांच, क्षति का आकलन, प्रभावितों को मुआवजा तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नोटशीट पर 20 लोगों के रोजगार को लेकर भी बड़ा आरोप

समिति ने आरोप लगाया है कि रोजगार के लिए नोटशीट पर रखे गए 20 लोगों में खदान से प्रभावित सारंडा गांवों के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि रोजगार दिलाने के नाम पर कुछ दलालों द्वारा चार से पांच लाख रुपये तक मांगने या लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। समिति ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।

राजू सांडिल ने कहा कि जिन आदिवासी परिवारों के पास रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने तक के पैसे नहीं हैं, वे रोजगार पाने के लिए लाखों रुपये कहां से देंगे? उन्होंने कथित दलाली की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।

“खदान हमारी जमीन पर, फिर स्थानीयों को ही क्यों नजरअंदाज?”

राजू सांडिल ने कहा कि सारंडा के ग्रामीण विकास और रोजगार के खिलाफ नहीं हैं। उनका सवाल केवल इतना है कि जिस क्षेत्र की जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से खनन हो रहा है, वहां के प्रभावित ग्रामीणों और युवाओं को रोजगार तथा विकास में प्राथमिकता क्यों नहीं मिले?

उन्होंने कहा कि समिति ने प्रशासन और सेल प्रबंधन को अपनी मांगों से अवगत करा दिया है। अब 10 दिनों के भीतर ठोस पहल और मांगों के समाधान की दिशा में कार्रवाई अपेक्षित है।

10 दिन बाद हॉपर जाम करने की चेतावनी

राजू सांडिल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो सारंडा विकास समिति ग्रामीणों के साथ बैठक कर गुवा सेल खदान के हॉपर को अनिश्चितकाल के लिए जाम करने का आंदोलन शुरू करेगी।

उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित मांगों और स्थानीय अधिकारों को लेकर प्रबंधन एवं प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है।

राजू सांडिल ने दो टूक कहा—“जंगल, जमीन और पहाड़ हमारा है, तो रोजगार पर अधिकार दूसरे का क्यों? प्रभावित क्षेत्र के लोगों को उनका हक और सम्मान मिलना ही चाहिए।”

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

error: Content is protected !!