केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय के नेतृत्व में होगा आंदोलन, सफाई कर्मियों की बहाली से लेकर सुरक्षा गार्डों की संख्या घटाने तक के मुद्दे उठेंगे
जर्जर आवासों और टाउनशिप की बदहाली, एंबुलेंस की अनुपलब्धता तथा स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग पर प्रबंधन को घेरने की तैयारी
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
गुवा। सेल की गुवा खदान में कार्यरत सेल कर्मचारियों, सप्लाई एवं ठेका मजदूरों, निजी सुरक्षा गार्डों और सफाई कर्मियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय के नेतृत्व में 28 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे से सेल, गुवा के जनरल ऑफिस गेट के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की लंबित समस्याओं, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रबंधन पर समाधान के लिए दबाव बनाया जाएगा।
इस आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए गुवा स्थित संघ कार्यालय में केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय की अध्यक्षता में श्रमिकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न श्रेणियों के मजदूरों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई और आंदोलन को प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई।

10 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की बहाली का वादा अब तक अधूरा
केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय ने कहा कि सेल गुवा प्रबंधन ने 10 अतिरिक्त सफाई कर्मियों को रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसका असर शहर और खदान के विभिन्न विभागों में साफ-सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था किसी भी औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी जरूरत है। पर्याप्त सफाई कर्मियों के अभाव में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में प्रबंधन को अपने आश्वासन पर अमल करते हुए अतिरिक्त सफाई कर्मियों को रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए।

54 सुरक्षा गार्डों में से 15 को हटाने पर सवाल
खदान की सुरक्षा में तैनात निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या घटाए जाने का मुद्दा भी आंदोलन के केंद्र में रहेगा। रामा पांडेय के अनुसार, पहले खदान की सुरक्षा में 54 निजी सुरक्षा गार्ड तैनात थे, जिनकी संख्या घटाकर अब 39 कर दी गई है। संघ ने इस कटौती को गलत बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावित कर्मियों के हितों को लेकर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रबंधन की ओर से इन सुरक्षा गार्डों को अब AWA का लाभ देना शुरू किया गया है, जो एक अच्छी पहल है। संघ ने इस सकारात्मक कदम का स्वागत करते हुए सुरक्षा गार्डों से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की भी मांग की है।

कार्यस्थल पर मोबाइल ले जाने पर रोक का मामला गरमाया
संघ ने खदान के विभिन्न विभागों में कार्यरत श्रमिकों को कार्यस्थल पर मोबाइल फोन ले जाने से रोके जाने के मुद्दे पर भी आपत्ति जताई है। रामा पांडेय ने कहा कि विभिन्न विभागों के प्रभारी अब श्रमिकों को कार्यस्थल पर मोबाइल लेकर जाने से मना कर रहे हैं। इस व्यवस्था को लेकर श्रमिकों में असंतोष है।
संघ की मांग है कि इस मामले में श्रमिकों की व्यावहारिक जरूरतों और प्रबंधन के सुरक्षा संबंधी नियमों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट एवं उचित व्यवस्था बनाई जाए, ताकि अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

एंबुलेंस देने का आश्वासन, लेकिन अब तक इंतजार
गुवा खदान क्षेत्र में चिकित्सा एवं आपातकालीन सुविधाओं का मुद्दा भी श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। रामा पांडेय ने कहा कि प्रबंधन की ओर से एक एंबुलेंस जल्द उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक एंबुलेंस नहीं मिल पाई है।
औद्योगिक खदान क्षेत्र में दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति के दौरान समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। ऐसे में संघ ने एंबुलेंस उपलब्ध कराने के आश्वासन को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है।

सिविल विभाग की जिम्मेदारी बदली, फिर भी आवासों की बदहाली बरकरार
गुवा सेल क्षेत्र के श्रमिक आवासों और टाउनशिप की जर्जर स्थिति को लेकर भी संघ ने नाराजगी जताई है। रामा पांडेय ने बताया कि सिविल विभाग की जिम्मेदारी राम बाबू डोराडला को सौंप दी गई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक श्रमिक आवासों और टाउनशिप की स्थिति सुधारने के लिए काम शुरू नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों से बेहतर कार्य की अपेक्षा करने वाले प्रबंधन को उनके रहने की बुनियादी सुविधाओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। जर्जर आवासों और टाउनशिप की समस्याओं का समाधान श्रमिकों के सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक है। संघ चाहता है कि मरम्मत और सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए।

रिक्त पदों पर स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग
आंदोलन का एक प्रमुख मुद्दा खदान में रिक्त पदों पर स्थानीय बेरोजगारों की नियुक्ति और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। संघ का कहना है कि क्षेत्र में खनन गतिविधियों के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल की जरूरत है।
रामा पांडेय ने संकेत दिया कि श्रमिकों की लंबित मांगों और स्थानीय बेरोजगारों के रोजगार से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन तेज किया जाएगा। संघ की मांग है कि प्रबंधन सभी संबंधित समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे और उनके समाधान के लिए समयबद्ध कदम उठाए।

धरना-प्रदर्शन में श्रमिकों की भागीदारी पर जोर
गुवा स्थित संघ कार्यालय में हुई बैठक में काफी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे। बैठक के दौरान सफाई कर्मियों की बहाली, निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या, एंबुलेंस, आवासों की मरम्मत, मोबाइल फोन संबंधी नियमों और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
अब सबकी नजर 28 अक्टूबर को होने वाले धरना-प्रदर्शन पर टिकी है। श्रमिकों की समस्याओं को लेकर संघ का यह आंदोलन सेल गुवा प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती होगा। आंदोलन के माध्यम से संघ लंबित मांगों पर ठोस पहल और श्रमिकों को राहत देने वाली कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है।










