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सोनाराम सिंकू का सवाल: सारंडा की चाईबासा–टोंटो–रोवाम सड़क क्यों अधूरी? सरकार ने बताया– वन स्वीकृति में फंसा काम

On: March 11, 2026 2:19 PM
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58.825 किमी लंबी चाईबासा–टोंटो–रोवाम सड़क का बड़ा हिस्सा तैयार, लेकिन वन भूमि की अनुमति नहीं मिलने से बाकी काम रुका

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल से होकर गुजरने वाली चाईबासा–टोंटो–रोवाम सड़क परियोजना का निर्माण कार्य वन भूमि की स्वीकृति के अभाव में लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। इस संबंध में सरकार की ओर से झारखंड विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया गया कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा तो बन चुका है, लेकिन लगभग 32 किलोमीटर सड़क का निर्माण अभी भी अटका हुआ है।
यह जानकारी झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग की ओर से विधानसभा में दी गई है। यह प्रश्न विधायक सोनाराम सिंकू द्वारा 11 मार्च 2026 को पूछा गया था, जिसका जवाब विभाग की ओर से प्रस्तुत किया गया।

58.825 किमी लंबी सड़क परियोजना

सरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार चाईबासा–टोंटो–रोवाम पथ का निर्माण झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से कराया जा रहा है। इस सड़क की कुल लंबाई 58.825 किलोमीटर निर्धारित की गई है।
इनमें से 26.195 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2023 तक पूरा कर लिया गया है।
लेकिन शेष 26.285 किलोमीटर हिस्सा वन भूमि क्षेत्र में पड़ने के कारण अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। यही कारण है कि परियोजना का बड़ा हिस्सा अधूरा पड़ा हुआ है।

वन भूमि में फंसा सड़क निर्माण

सरकार के मुताबिक इस परियोजना का करीब 5.840 किलोमीटर हिस्सा भी वन भूमि के भीतर आता है।
वन भूमि में सड़क निर्माण के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अनुमति आवश्यक होती है। इस प्रक्रिया के तहत विभाग ने वन भूमि उपयोग का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था।
प्रस्ताव के तहत 21.931 हेक्टेयर वन भूमि के बदले 48.385 हेक्टेयर गैर वन भूमि को प्रतिपूरक वनरोपण के लिए उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया था।

केंद्र सरकार की समिति ने वापस भेजा प्रस्ताव

विभागीय जानकारी के अनुसार यह प्रस्ताव ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर केंद्र सरकार को भेजा गया था।
लेकिन भारत सरकार की एडवाइजरी कमेटी ने इस प्रस्ताव में कुछ कमियों का हवाला देते हुए इसे वापस भेज दिया। समिति ने कहा कि परियोजना के कई बिंदुओं में संशोधन की आवश्यकता है, इसलिए इसे फिर से सुधार कर प्रस्तुत किया जाए।
इस कारण वन भूमि से संबंधित स्वीकृति की प्रक्रिया फिलहाल लंबित है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी

सड़क निर्माण के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी है। विभाग ने बताया कि इस कार्य के लिए धारा 37 के तहत अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।
इसके लिए विभाग द्वारा उपायुक्त को 34.617 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
उपायुक्त कार्यालय की ओर से प्रभावित लोगों के बीच अब तक 30.15 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, जबकि शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

अनुमति मिलते ही शुरू होगा निर्माण

पथ निर्माण विभाग के अनुसार जैसे ही केंद्र सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त हो जाएगी, उसके बाद वन भूमि क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
सारंडा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना
चाईबासा–टोंटो–रोवाम सड़क परियोजना को सारंडा के ग्रामीण इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सड़क बनने से क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क बेहतर होगा और लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
हालांकि वन स्वीकृति में देरी के कारण यह परियोजना अभी भी अधूरी पड़ी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में निराशा भी देखी जा रही है।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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