विधानसभा में उठाया गया मुद्दा, ग्रामीणों को 7 किमी खराब सड़क से जूझने की मजबूरी
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी सड़क समस्या आखिरकार विधानसभा तक पहुंच गई। विधायक Sonaram Sinku द्वारा सदन में उठाए गए सवाल के बाद राज्य सरकार ने जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु मार्ग के निर्माण पर विचार करने का आश्वासन दिया है। सरकार की ओर से ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री Deepika Pandey Singh ने लिखित जवाब देते हुए कहा कि विभागीय नीति और बजटीय उपलब्धता के आधार पर सड़क निर्माण के संबंध में आगे कार्रवाई की जाएगी।

सदन में उठा जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु सड़क का मुद्दा
11 मार्च 2026 को विधानसभा में पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 30 के माध्यम से विधायक सोनाराम सिंकू ने सरकार का ध्यान West Singhbhum district के ग्रामीण इलाकों की जर्जर सड़क की ओर खींचा।
उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सही है कि जगन्नाथपुर प्रखंड के अंतर्गत जिन्तुगाड़ा से तोड़ांगहातु तक लगभग 7 किलोमीटर लंबी सड़क अत्यंत खराब स्थिति में है।
ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी
विधायक ने सदन में बताया कि इस सड़क की खराब स्थिति के कारण
मरीजों को अस्पताल ले जाने में कठिनाई होती है
बच्चों को स्कूल–कॉलेज पहुंचने में दिक्कत आती है
किसानों और ग्रामीणों को बाजार जाने में परेशानी होती है
बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है
उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इस सड़क के निर्माण की कोई योजना है।

सरकार ने माना सड़क खराब
ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने अपने लिखित जवाब में स्वीकार किया कि उक्त मार्ग की स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि विभागीय नीति और बजट की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए इस पथ के निर्माण के संबंध में आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में जगी उम्मीद
सदन में मामला उठने और सरकार के जवाब के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से उपेक्षित यह सड़क अब जल्द बन सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क कई गांवों के लिए जीवन रेखा के समान है। सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े कार्य भी सुचारू रूप से हो सकेंगे।
विकास की राह देख रहे गांव
ग्रामीणों का मानना है कि यदि सरकार जल्द इस सड़क के निर्माण का निर्णय लेती है तो क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। वर्षों से जर्जर सड़क के कारण गांवों की प्रगति बाधित हो रही है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी












