बड़ाजामदा में भारी वाहनों के खिलाफ उबाल, गाड़ियां रोककर किया जोरदार विरोध
रिपोर्ट: शैलेश सिंह/संदीप गुप्ता
बड़ाजामदा क्षेत्र में धूल प्रदूषण से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को आखिरकार फूट पड़ा। कारा कोला रूंगटा प्लांट से संचालित भारी वाहनों के कारण उड़ रही धूल से परेशान लोगों ने सड़क पर उतरकर कई गाड़ियों को रोक दिया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

भारी वाहनों ने बढ़ाई मुसीबत, हर दिन उड़ता धूल का गुबार
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से आने-जाने वाले ट्रकों और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर धूल का घना गुबार उठता है।
यह धूल न सिर्फ सड़कों तक सीमित है, बल्कि घरों के भीतर तक पहुंच रही है, जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
सांस लेना दूभर, बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर
स्थानीय लोगों ने बताया कि धूल प्रदूषण के कारण
* सांस लेने में दिक्कत हो रही है
* खांसी और एलर्जी की समस्या बढ़ रही है
* छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या अब स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है।

बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्लांट प्रबंधन और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से हालात और बदतर होते जा रहे हैं।
गाड़ियों को रोककर जताया आक्रोश, प्रशासन को दी चेतावनी
आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर कई वाहनों को रोक दिया और अपना विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि
👉 यदि जल्द ही सड़क पर पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण की व्यवस्था नहीं की गई,
👉 तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
सवालों के घेरे में प्रबंधन, कब मिलेगी राहत?
बड़ाजामदा में उठता यह विरोध प्रदर्शन साफ संकेत है कि अब ग्रामीण धूल प्रदूषण को लेकर समझौता करने के मूड में नहीं हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन और प्लांट प्रबंधन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं या फिर हालात और बिगड़ते हैं।












