विश्व पर्यावरण दिवस पर बराजामदा में फलदार पौधों का रोपण
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को केंद्रीय अस्पताल, बराजामदा एवं कल्याण प्रशासन कार्यालय, बराजामदा के संयुक्त तत्वावधान में परिसर में फलदार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाना था।

फलदार पौधों से हरियाली बढ़ाने की पहल
वृक्षारोपण कार्यक्रम में टाटा स्टील, नोवामुंडी के मानव संसाधन विभाग के प्रबंधक निरंजन चौबे ने विशेष सहयोग प्रदान किया। उनके साथ अस्पताल एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिसर में फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
अधिकारियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विनोद कुमार, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएमओ), केंद्रीय अस्पताल बराजामदा तथा उदयशंकर कुमार, कल्याण प्रशासक अपनी पूरी टीम के साथ उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित रखने तथा हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।
जलवायु परिवर्तन से निपटने में पेड़ों की अहम भूमिका
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण पूरी दुनिया चिंतित है। ऐसे समय में वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि पृथ्वी को बचाने का प्रभावी माध्यम है। पेड़ वातावरण को शुद्ध करते हैं, तापमान नियंत्रित रखते हैं तथा प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“पेड़ बचाओ, पृथ्वी बचाओ” का दिया संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने “पेड़ बचाओ, पृथ्वी बचाओ” का संदेश देते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।

पौधों की देखभाल का भी लिया संकल्प
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखेंगे। उनका कहना था कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब पौधे जीवित रहकर पर्यावरण को लाभ पहुंचाएं।
स्वस्थ पर्यावरण, सुरक्षित भविष्य
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि आज प्रकृति की रक्षा की जाएगी, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। सामूहिक प्रयासों से ही हरित और स्वस्थ भारत का सपना साकार हो सकता है।
“एक पेड़ केवल पौधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, स्वच्छता और सुरक्षित भविष्य का आधार है। आइए, पेड़ लगाएं, पेड़ बचाएं और पृथ्वी को हराभरा बनाएं।”









