सीएसआर गांव में शामिल करने की वर्षों पुरानी मांग पर फिर उठी आवाज। महाप्रबंधक योगेश प्रसाद राम ने कहा—छोटी समस्याओं का होगा समाधान, सीएसआर में शामिल करने पर फिलहाल निर्णय नहीं
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त के निर्देश पर सेल, मेघाहातुबुरु खदान प्रबंधन के अधिकारियों की एक टीम 5 अगस्त को सारंडा के बहदा गांव पहुंची और ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लिया। टीम ने गांव की मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों तथा ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया।

महाप्रबंधक के नेतृत्व में गांव पहुंची अधिकारियों की टीम
सेल, मेघाहातुबुरु खदान के महाप्रबंधक योगेश प्रसाद राम के नेतृत्व में पहुंची टीम में सहायक महाप्रबंधक मृत्युंजय कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक रोहित टोप्पो, सर्गेया अंगारिया सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। इस दौरान गांव के मुंडा रोया सिद्धू, कामेश्वर माझी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने दोहराई सीएसआर गांव में शामिल करने की मांग
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने एक बार फिर बहदा गांव को सेल, मेघाहातुबुरु खदान के सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) क्षेत्र में शामिल करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि बहदा गांव खदान से प्रभावित क्षेत्र है, लेकिन इसके बावजूद आज तक गांव को सीएसआर योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में वे कई बार उपायुक्त एवं सेल प्रबंधन को ज्ञापन सौंप चुके हैं और गांव के सर्वांगीण विकास के लिए सीएसआर के तहत सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं।

उपायुक्त के निर्देश पर हुई पहल
ग्रामीणों द्वारा लगातार उठाई जा रही मांगों के बाद उपायुक्त कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सेल, मेघाहातुबुरु प्रबंधन को पत्र भेजकर गांव की समस्याओं का स्थल निरीक्षण करने तथा समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के अनुपालन में अधिकारियों की टीम बहदा गांव पहुंची।
समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक योगेश प्रसाद राम ने कहा कि गांव में कुछ छोटी-छोटी समस्याएं सामने आई हैं, जिनके समाधान के लिए प्रबंधन आवश्यक प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा।
हालांकि बहदा गांव को सीएसआर गांव में शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस विषय में कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला उच्च स्तर पर विचार का विषय है और इस पर अभी कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
ग्रामीणों को अब ठोस निर्णय का इंतजार
बहदा गांव के लोगों का कहना है कि वर्षों से वे सीएसआर के दायरे में शामिल होने की मांग करते आ रहे हैं। अब उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद पहली बार सेल प्रबंधन की टीम गांव पहुंची है, जिससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल होगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि जल्द ही गांव के विकास और सीएसआर में शामिल किए जाने को लेकर सकारात्मक निर्णय भी सामने आए।












