कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन, महिलाओं ने गेट पर ताला जड़ने का किया प्रयास, सीआईएसएफ ने रोका
‘भ्रष्टाचार नहीं चलेगा’, ‘सिविल विभाग मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा परिसर
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
गुवा। सेल की गुवा लौह अयस्क खदान के सिविल विभाग के खिलाफ लंबे समय से कर्मचारियों के आवासों की बदहाल स्थिति को लेकर पनप रहा आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आ गया। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामससं) की गुवा इकाई के बैनर तले बड़ी संख्या में श्रमिकों, महिलाओं एवं यूनियन पदाधिकारियों ने सिविल विभाग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान “सिविल विभाग मुर्दाबाद”, “भ्रष्टाचार नहीं चलेगा”, “श्रमिकों के साथ अन्याय बंद करो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। आंदोलनकारी महिलाओं ने आक्रोश में सिविल विभाग के मुख्य गेट पर ताला जड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन वहां तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने समझाइश देकर उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। स्थिति कुछ देर तक तनावपूर्ण बनी रही, हालांकि बाद में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।

जर्जर आवासों में रहने को मजबूर कर्मचारी
यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने कहा कि सेल प्रबंधन के कर्मचारी आवासों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। अधिकांश क्वार्टरों की छतें जर्जर हैं और हल्की बारिश में भी कई स्थानों से पानी टपकने लगता है। बरसात के दिनों में कर्मचारियों और उनके परिवारों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि कई परिवार रातभर जागकर समय बिताने को विवश हैं। घरों के अंदर प्लास्टिक और तिरपाल लगाकर किसी तरह बारिश से बचाव किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सामान भीग जाता है और परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
“अधिकारी नहीं मिलते, शिकायत किससे करें?”
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब भी कर्मचारी अपनी समस्याओं को लेकर सिविल विभाग के कार्यालय पहुंचते हैं, वहां संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं रहते। इससे कर्मचारियों की शिकायतें न तो सुनी जाती हैं और न ही उनका समाधान होता है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि विभाग में अधिकारी ही मौजूद नहीं रहेंगे तो कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कौन करेगा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि विभाग कर्मचारियों की समस्याएं दूर करने में सक्षम नहीं है, तो ऐसे विभाग को चलाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

समस्या का समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी आवासों की मरम्मत, छतों की लीकेज, जलनिकासी तथा अन्य बुनियादी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन और सिविल विभाग की होगी।
यूनियन नेताओं ने कहा कि श्रमिक दिन-रात खदान में कठिन परिस्थितियों में काम कर कंपनी के उत्पादन को बढ़ाने में योगदान देते हैं, लेकिन उन्हें रहने के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक आवास तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी, महिला सदस्य, कर्मचारी एवं श्रमिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि सिविल विभाग कर्मचारियों की आवासीय समस्याओं का तत्काल समाधान करे, ताकि श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय सुविधा मिल सके।














