महासचिव अफताब आलम बोले— श्रमिक हित और खदान के विकास में नए सीजीएम स्थापित करेंगे नई मिसाल
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
मेघाहातुबुरु। सेल की मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान के नवनियुक्त मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) संजय कुमार सिंह से बुधवार को झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ (झामससं) की मेघाहातुबुरु इकाई ने महासचिव अफताब आलम के नेतृत्व में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उन्हें भगवान भोलेनाथ की आकर्षक तस्वीर भेंट कर नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

“सावन में पूरी हुई हमारी कामना” : अफताब आलम
महासचिव अफताब आलम ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और आस्था का पवित्र महीना माना जाता है। उन्होंने कहा कि जब संजय कुमार सिंह मेघाहातुबुरु खदान में प्रभारी महाप्रबंधक के रूप में कार्य कर रहे थे, तभी उन्होंने अपनी कार्यशैली, सादगी और प्रशासनिक क्षमता से कर्मचारियों एवं श्रमिकों का विश्वास जीत लिया था।
उन्होंने कहा कि यूनियन के सदस्यों ने भगवान शिव से प्रार्थना की थी कि संजय कुमार सिंह को नियमित रूप से सीजीएम का दायित्व मिले और यह कामना सावन के पावन महीने में पूरी हुई। इसी खुशी के अवसर पर भगवान शिव की तस्वीर भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं।
श्रमिक कल्याण और विकास की जताई उम्मीद
यूनियन नेताओं ने विश्वास जताया कि संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में मेघाहातुबुरु खदान उत्पादन, सुरक्षा और विकास के नए आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याओं के समाधान, बेहतर औद्योगिक वातावरण, आवास, चिकित्सा, आधारभूत सुविधाओं और श्रमिक कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक पहल की उम्मीद है।
यूनियन ने कहा कि प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित होने से खदान के विकास के साथ-साथ कर्मचारियों का मनोबल भी मजबूत होगा।

कई पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ के महासचिव अफताब आलम के साथ राजीव दास, गोपीनाथ पान, अमित राउत, आनंद पूर्ति, दीपक सिंह, इंतखाब आलम, दयानंद कुमार, जे.एस. गिल, एम.डी. फ़ैज़ुद्दीन, अजीत कुमार प्रसाद, लाको धनवार, राजनारायण शर्मा, बासुदेव लाल, नवीन कुमार सहित यूनियन के दर्जनों पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
यूनियन प्रतिनिधियों ने नवनियुक्त सीजीएम को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में मेघाहातुबुरु खदान विकास, पारदर्शिता, श्रमिक हितों की रक्षा और बेहतर औद्योगिक संबंधों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगी।














