मैगजीन लेबल क्षेत्र में डटे आंदोलनकारी, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
गुवा। सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले सेल की गुवा खदान अंतर्गत रांजाबुरु खदान में स्थानीय रोजगार समेत विभिन्न मांगों को लेकर 10 अगस्त से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन आंदोलन बुधवार, 12 अगस्त को तीसरे दिन भी शांतिपूर्ण रूप से जारी रहा। आंदोलनकारी लगातार दूसरे दिन मैगजीन लेबल क्षेत्र में डटे रहे। मानकी लागुड़ा देवगम, गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल, झामुमो नेता बृंदावन गोप एवं विभिन्न गांवों के मुंडाओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और बेरोजगार युवा आंदोलन में शामिल हुए।

जेएमएम के झंडे के साथ आंदोलन में दिखा राजनीतिक रंग
आंदोलन के तीसरे दिन आंदोलनकारियों के हाथों में झामुमो (JMM) के झंडे नजर आए। ग्रामीणों ने आंदोलन स्थल पर “दिसुम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें”, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिंदाबाद” और “मंत्री दीपक बिरुवा जिंदाबाद” के नारे लगाए। इससे आंदोलन के तीसरे दिन प्रदर्शन में झामुमो समर्थकों की सक्रिय भागीदारी भी दिखाई दी।
मांगें पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं ग्रामीण
आंदोलनकारियों ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि पूर्व में हुए लिखित समझौते को पूरी तरह लागू किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि खदान प्रभावित 18 गांवों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, स्थानीय स्तर पर 75 प्रतिशत रोजगार, रैक लोडिंग और ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय लोगों की भागीदारी समेत समझौते के अन्य बिंदुओं को धरातल पर लागू किया जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान क्षेत्र में प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान का सबसे ज्यादा असर स्थानीय गांवों को झेलना पड़ता है, लेकिन रोजगार के अवसरों में स्थानीय युवाओं की अपेक्षा बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
10 अगस्त से शुरू हुआ है आंदोलन
गौरतलब है कि सारंडा विकास समिति के नेतृत्व में 10 अगस्त की सुबह रांजाबुरु खदान में आंदोलन शुरू किया गया था। पहले दिन आंदोलनकारियों ने खदान क्षेत्र की स्क्रीनिंग मशीन आदि को जाम कर दिया था, जिससे उत्पादन और लौह अयस्क की ढुलाई प्रभावित हुई थी। इसके बाद 11 अगस्त को आंदोलन स्थल बदलकर मैगजीन लेबल क्षेत्र में प्रदर्शन किया गया।
तीसरे दिन भी आंदोलनकारी इसी क्षेत्र में जुटे और सुबह से आंदोलन जारी रखा। ग्रामीणों ने कहा कि आंदोलन को प्रतिदिन इसी तरह जारी रखा जाएगा और मांगों पर ठोस समाधान होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
मानकी-मुंडा और ग्रामीण नेतृत्व में आंदोलन
तीसरे दिन के आंदोलन में मानकी लागुड़ा देवगम, मुखिया राजू सांडिल, झामुमो नेता बृंदावन गोप सहित विभिन्न गांवों के मुंडा और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह लड़ाई केवल रोजगार की नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़ी हुई है।
ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में हुए समझौते का सम्मान करते हुए सेल प्रबंधन और संबंधित ठेका कंपनियों को स्थानीय युवाओं को रोजगार देने तथा अन्य मांगों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक रांजाबुरु खदान में आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।














