बिना सेफ्टी बेल्ट के बारिश में ऊंचाई पर कराया जा रहा था काम! रेलवे और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
साथी मजदूरों और परिजनों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच, दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई और आश्रित को रेलवे में नौकरी की मांग
रिपोर्ट — संदीप गुप्ता/शैलेश सिंह
डांगोवापोसी। चक्रधरपुर रेल डिवीजन के डांगोवापोसी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और ठेका प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैरेज एंड वैगन विभाग के सीक लाइन क्षेत्र में लगभग 80 से 100 फीट ऊंचे स्ट्रक्चर की ब्लू शीट बदलने के दौरान गुवा के कल्याण नगर निवासी 32 वर्षीय मजदूर समीर खान की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई। हादसे के बाद साथी मजदूरों और मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है।

बारिश के बीच ऊंचाई पर कराया जा रहा था काम
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस समय स्ट्रक्चर पर काम कराया जा रहा था, उस दौरान मौसम खराब और बारिश का दौर था। इसके बावजूद मजदूरों को इतनी अधिक ऊंचाई पर काम में लगाया गया। आरोप है कि समीर खान को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना लगभग 80 से 100 फीट ऊंचे स्ट्रक्चर पर चढ़ाकर ब्लू शीट बदलने का काम कराया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि ऊंचाई पर काम करने के दौरान मजदूर का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे जा गिरा। इतनी अधिक ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
सुरक्षा बेल्ट और अन्य इंतजाम पर सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूर को सेफ्टी बेल्ट, सेफ्टी हार्नेस, हेलमेट, सुरक्षा रस्सी और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं।
यदि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे तो मजदूर नीचे कैसे गिरा? और यदि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे, तो इतनी ऊंचाई पर मजदूर को काम करने की अनुमति किसने दी? ये सवाल अब रेल प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।
हादसे के बाद मचा हड़कंप
हादसा होते ही घटनास्थल पर मौजूद साथी मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल समीर खान को तत्काल घटनास्थल से उठाकर वाहन के माध्यम से टाटा स्टील नोवामुंडी अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
समीर की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में मातम पसर गया। वहीं साथी मजदूरों में भी घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला।
ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठी उंगली
मजदूर की मौत के बाद संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि कई बार ठेका कार्यों में समय और काम पूरा कराने की जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। यदि इस मामले में भी ऐसा हुआ है तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का गंभीर मामला माना जाएगा।
रेलवे प्रशासन भी सवालों के घेरे में
घटना ने रेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे परिसर में ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे कार्यों की निगरानी कौन करता है? क्या काम शुरू कराने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच की गई थी? क्या संबंधित मजदूरों को ऊंचाई पर काम करने की ट्रेनिंग दी गई थी? क्या मौके पर सेफ्टी अधिकारी या सुपरवाइजर मौजूद था? इन तमाम सवालों का जवाब अब रेल प्रशासन को देना होगा।
जांच में सामने आए लापरवाही तो हो कड़ी कार्रवाई
मजदूर संगठनों और मृतक के परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में यदि ठेकेदार, सुपरवाइजर अथवा रेलवे के किसी जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
आश्रित को रेलवे में नौकरी और मुआवजे की मांग
मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने मृतक के एक आश्रित को रेलवे में सरकारी नौकरी देने तथा परिवार को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि समीर अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी कमाने निकला था, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था की कथित लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। ऐसे में केवल मुआवजा देकर मामले को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।

क्या जांच में खुलेगा सुरक्षा व्यवस्था का सच?
डांगोवापोसी में हुई इस घटना ने एक बार फिर रेलवे के ठेका कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। 80-100 फीट की ऊंचाई पर बारिश के बीच काम, सुरक्षा इंतजामों की कथित कमी और उसके बाद मजदूर की मौत—इन परिस्थितियों की पूरी जांच जरूरी है।
अब देखना होगा कि रेल प्रशासन इस गंभीर घटना को महज एक हादसा मानकर औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहता है या फिर जिम्मेदारी तय कर यह सुनिश्चित करता है कि भविष्य में किसी मजदूर को इस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर काम न करना पड़े।














