किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिरिया की खदानों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को लेकर टकराव
सुलह वार्ता विफल होने के बाद भी CGIT रेफरेंस का इंतजार, यूनियन ने मुख्य श्रम आयुक्त को भेजा पत्र व रिमाइंडर
औद्योगिक शांति, निर्बाध उत्पादन और श्रमिक हित में शीघ्र न्यायिक हस्तक्षेप की मांग
रिपोर्ट शैलेश सिंह
सेल (SAIL-JGOM) की किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिरिया खदानों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (BAMS) लागू करने को लेकर प्रबंधन और बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (INTUC) के बीच चल रहा औद्योगिक विवाद अब श्रम विभाग के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। विवाद के समाधान के लिए हुई सुलह वार्ता विफल घोषित होने के बाद यूनियन ने मामले को सक्षम न्यायिक मंच केंद्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण (CGIT) में भेजने की मांग तेज कर दी है।
बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (INTUC) के उपाध्यक्ष नवल किशोर सिंह ने भारत सरकार के मुख्य श्रम आयुक्त (CLC), नई दिल्ली को पत्र एवं रिमाइंडर भेजकर पूरे मामले की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने तथा यदि मामला अभी लंबित है तो उसे शीघ्र Hon’ble CGIT को संदर्भित करने की मांग की है।

15 जून 2026 से BAMS लागू करने पर शुरू हुआ विवाद
यूनियन के अनुसार, सेल प्रबंधन द्वारा 15 जून 2026 से BAMS लागू करने के लिए एकतरफा सर्कुलर जारी किया गया था। यूनियन ने इस निर्णय का विरोध करते हुए इसे औद्योगिक विवाद का विषय बताया। विरोध के दौरान खदानों में दो पारियों तक काम प्रभावित/ठप रहने की स्थिति भी बनी थी।
यूनियन का कहना है कि BAMS जैसे महत्वपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन को लेकर श्रमिकों और प्रबंधन के बीच उत्पन्न विवाद का समाधान नियमानुसार औद्योगिक विवाद निवारण प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
धनबाद में हुई सुलह वार्ता रही विफल
मामले को लेकर उप मुख्य श्रम आयुक्त (Dy. CLC), धनबाद के समक्ष सुलह प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान नहीं निकल सका और सुलह वार्ता को Failure of Conciliation (FOC) घोषित किया गया।
यूनियन के मुताबिक, Dy. CLC, धनबाद कार्यालय द्वारा 16/17 फरवरी 2026 के पत्राचार के माध्यम से मामले को आगे की कार्रवाई के लिए मुख्य श्रम आयुक्त, नई दिल्ली को भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अब तक यूनियन को CGIT में औपचारिक रेफरेंस किए जाने की जानकारी नहीं मिली है।
SAMADHAN पोर्टल पर अब भी दिख रही ‘FOC 2A’ स्थिति
यूनियन ने अपने पत्र में ‘समाधान’ (SAMADHAN) पोर्टल पर प्रदर्शित स्थिति का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार पोर्टल पर मामले की वर्तमान स्थिति अभी भी “FOC 2A” दिखाई दे रही है।
यूनियन का कहना है कि यदि मामले को CGIT को भेज दिया गया है तो उसका रेफरेंस/केस नंबर और संबंधित न्यायाधिकरण का विवरण यूनियन को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। वहीं, यदि मामला अभी भी CLC कार्यालय में लंबित है तो उसे बिना अनावश्यक विलंब के CGIT को संदर्भित किया जाना चाहिए।
CLC से तीन प्रमुख मांगें
बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन ने मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं।
पहली मांग: औद्योगिक विवाद की वर्तमान स्थिति तथा धनबाद Dy. CLC की FOC रिपोर्ट पर अब तक की गई कार्रवाई से यूनियन को अवगत कराया जाए।
दूसरी मांग: यदि मामला पहले ही Hon’ble CGIT को संदर्भित किया जा चुका है, तो उसका रेफरेंस/केस नंबर एवं संबंधित ट्रिब्यूनल का विवरण यूनियन को उपलब्ध कराया जाए।
तीसरी मांग: यदि मामला अभी CLC कार्यालय में लंबित है, तो औद्योगिक शांति, निर्बाध उत्पादन और श्रमिकों के हित को ध्यान में रखते हुए इसे तत्काल CGIT को भेजा जाए, ताकि विवाद का कानून के अनुसार शीघ्र निपटारा हो सके।
“न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा, जल्द हो विवाद का समाधान”
यूनियन के उपाध्यक्ष नवल किशोर सिंह ने कहा कि यूनियन न्यायिक और वैधानिक प्रक्रिया में पूर्ण विश्वास रखती है। यूनियन का उद्देश्य विवाद को अनावश्यक रूप से लंबा खींचना नहीं, बल्कि सक्षम न्यायिक मंच के माध्यम से इसका स्थायी समाधान कराना है।
उन्होंने कहा कि CGIT द्वारा मामले की सुनवाई और निर्णय से प्रबंधन तथा श्रमिकों के बीच उत्पन्न विवाद को स्पष्ट कानूनी दिशा मिल सकती है। इससे खदानों में औद्योगिक शांति कायम रखने के साथ उत्पादन व्यवस्था को भी निर्बाध बनाए रखने में मदद मिलेगी।
अब नजर CLC कार्यालय के अगले कदम पर
BAMS को लेकर किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा और चिरिया खदानों में चल रहे इस औद्योगिक विवाद में अब मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुलह प्रक्रिया विफल होने के बाद मामला किस स्तर पर लंबित है और इसे CGIT को कब तक संदर्भित किया जाता है, इस पर श्रमिक संगठनों की नजर बनी हुई है।
यूनियन ने अपने पत्र और रिमाइंडर के माध्यम से स्पष्ट किया है कि वह शीघ्र न्यायिक निर्णय चाहती है, ताकि BAMS से जुड़े विवाद का समाधान कानूनी तरीके से हो और सेल की महत्वपूर्ण खदानों में श्रमिकों एवं प्रबंधन के बीच औद्योगिक संबंध सामान्य बने रहें।
जारीकर्ता :
बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (INTUC)
चिरिया / किरीबुरु / मेघाहातुबुरु / गुवा













